पूर्व सीएस, वर्तमान से भिड़े 

भोपाल: राजधानी भोपाल के पास कोलार डेम के निकट पूर्व मुख्य सचिव आदित्य विजय सिंह का रिसोर्ट बना हुआ है जो वाईल्ड बेरीज रिसोर्ट श्रृंखला के अंतर्गत रातापानी जंगल लॉज के नाम से जाना जाता है। सीहोर वनमंडल ने इस रिसोर्ट को वन भूमि में बना होना पाया है तथा रिसोर्ट को नोटिस भेज कर कोई भी गैर वानिकी कार्य करने से रोक दिया है।

यह नोटिस सीहोर वनमंडल के वीरपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर ने भेजा है। इस पर इस रिसोर्ट के मालिक पूर्व मुख्य सचिव आदित्य विजय सिंह नाराज हो गये हैं तथा उन्होंने नोटिस का जवाब न देकर वर्तमान मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को लम्बी-चौड़ी शिकायत कर दी है। इससे हडक़म्प मच गया है। मुख्य सचिव के निर्देश पर वन विभाग अब सीहोर वनमंडल के डीएफओ से जवाब तलब कर रहा है।

डीएफओ डा. अनुपम सहाय का कहना है कि उक्त रिसोर्ट की भूमि पहले वन भूमि थी जिसे राजस्व विभाग के खसरे में डाली गई लेकिन नियमानुसार वन भूमि को डिनोटिफाई करने की कार्यवाही नहीं की गई। इसीलिये इस रिसोर्ट पर गैर वानिकी कार्य जिसमें नया निर्माण, वृक्षों का विदोहन आदि पर रोक लगाई गई है। जब तक यह भूमि डिनोटिफाई नहीं होगी तब तक यह वन भूमि ही मानी जायेगी।

इधर पूर्व मुख्य सचिव आदित्य विजय सिंह का कहना है कि उन्होंने वर्ष 1989 में उक्त भूमि खरीदी थी तथा कृषि भूमि के डायवर्सन सहित अन्य सभी औपचारिकतायें पूरी कर वर्ष 2010 में रिसोर्ट बनाया जो अभी भी संचालित है। अचानक फारेस्ट रेंजर ने उन्हें नोटिस भेज दिया है और वे इसका उसे जवाब नहीं देंगे लेकिन उन्होंने इस संबंध में मुख्य सचिव से शिकायत कर सभी वैधानिक स्थितियों से अवगत करा दिया है और ऐसे नोटिस को परेशान करना वाला बताया है। उल्लेखनीय है कि आदित्य विजय सिंह तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शासनकाल में 1 मार्च 2002 को मप्र के मुख्य सचिव बने थे तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती के शासनकाल में 5 जनवरी 2004 तक इस पद पर रहे थे।
डॉ. नवीन जोशी