मंडीदीप से लेकर मिसरोद तक ट्रैफिक जाम, यह आलम राजधानी भोपाल से सटे हुए उस 'हाइवे' का है, जहां बारिश के पिछले दौर में कलियासोत नदी पर बना 'पुल' जवाब दे गया था, सरकारी दावों में बताया गया कि उसके पास की एप्रोच रोड पानी के दबाव में धंस गई या... यानि कारण कई रहे, लेकिन स्थिति यह है कि इस इलाके के आसपास आज तक प्रशासन ने यह सुध नहीं ली कि यातायात को कैसे सुचारू रखा जाए।
खानापूर्ति के लिए सड़क को डायवर्ट कर दिया गया है, मगर यहां यदि एक वाहन भी अटक जाए तो यह मंडीदीप से लेकर मिसरोद तक ट्रैफिक जाम कर देता है। कल शाम भी यह नौबत आई और करीब पौने दो घंटे तक जाम लगा रहा। रात बमुश्किल पौने नौ बजे यह सडक 'क्लीयर' हो सकी।
खास बात यह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला भी पचमढ़ी से लौटते वक्त इसी स्थान से गुजरा था। बहरहाल, कल रात के अंधेरे में हुए इस ट्रैफिक जाम की सुध करीब एक घंटे बाद पुलिस को आई और पुलिस के चार पांच जवान यहां आकर जाम को हटवाने में जुटे, तब तक हालात इतने पेचीदा हो चुके थे कि उन्हें ही एक घंटे से ज्यादा लग गया और वाहन सरकना शुरू हो सके।
खास बात यह है कि यह पुल मंडीदीप पुलिस के इलाके में आता है और पुल के ठीक बाद का हिस्सा मिसरोद थाना क्षेत्र कहलाता है। पुलिस की इस इलाके बाजी का खामियाजा भी जनता भुगत रही है। कल ही एक अनुमान के मुताबिक करीब ढाई हजार छोटे-बड़े वाहनों ने खामियाजा भुगता, हजारों रुपए का पेट्रोल-डीजल फुकता रहा, इस जाम में भी न जाने कितने ऐसे जरूरतमंद थे, जिन्हें जल्द या समय पर पहुंचना जरूरी था।
यदि सीएम तलब कर लेते अफसरों को...
मंडीदीप से लेकर मिसरोद तक पुलिस उस नाजुक वक्त' पर तो मुस्तैद थी,जब मुख्यमंत्री यहां से गुजरने वाले थे, लेकिन इसके बाद फिर क्षतिग्रस्त सड़क को मुसाफिरों की किस्मत के हवाले छोड़ दिया गया। लोगों का कहना था कि-यदि मुख्यमंत्री इस 'स्पॉट' पर रुक कर अफसरों को बुला लेते, क्षतिग्रस्त सड़क-पुल का हाल ले लेते और यातायात की व्यवस्थाओं के बारे में सवाल करते तो शायद पुलिस प्रशासन के लोग शाम के वक्त रोज तैनात होने लगते और शाम पांच-साढ़े पांच बजे से आठ बजे तक इस सड़क पर यातायात का भारी दबाव मैनेज होने लगता। अलबत्ता वे पुल से कुछ किमी पहले भुट्टा खाने रुके थे।
दावा तीन दिन का था...
मंडीदीप कलियासोत नदी के पुल की कॉटनवॉल ढहने के बाद एमपीआरडीसी ने एक लेन के साथ सर्विस रोड बंद कर दिया था। तब से लेकर आज तक आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। अधिकारियों का दावा था कि तीन दिन बाद इसे खुलवा दिया जाएगा लेकिन स्थिति यह है कि बीस दिन बाद भी पूरा ट्रैफिक दो किलोमीटर तक सिंगल लेन पर चलता है।