विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित 7 विधेयक बिना चर्चा के पास 19000 करोड़ का अनुपूरक बजट भी पास
देखें 19 हजार करोड़ के अनुपूरक बजट में क्या है खास
द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2021-2022 के प्रस्तावों में पूंजीगत मद जो कि अधोसंरचना विकास के कार्यों के लिये है, से संबंधित विभागों के अंतर्गत उल्लेखनीय प्रावधान किये गये हैं। जिससे प्रदेश के विकास में गति आयेगी।
द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2021-2022 के लिये कुल ₹21584.58 करोड़ का प्रावधान राजस्व मंद में
₹10165.32 करोड़ तथा पूंजोगत मद में ₹1141926 करोड़ का प्रावधान
लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्य/मरम्मत तथा अन्य योजनाओं हेतु ₹2,672 करोड़
● प्रधानमंत्री आवास योजना हेतू ₹2,000 करोड़
जल संसाधन विभाग की विभिन्न परियोजनायें/योजनायें
तथा निर्माण कार्यों हेतु ₹1,159 करोड़
●एन.बी. कम्पनी लिमिटेड का निवेश योजना हेतु ₹1,500 करोड़
● नर्मदा (आई.एस.पी.) पार्वती लिक परियोजना हेतू ₹516 करोड़ • काली सिंध लिक परियोजना हेतु ₹282 करोड़
उदय योजना अंतर्गत वितरण कंपनियों की हानियों की राशि का अधिग्रहण योजना हेतु ₹1,100 करोड़ करोड़
● नगरीय निकायों को कार्यशील पूंजी ऋण (नवीन) योजना हेतु ₹1,000 मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना के लिये ₹1,000 करोड़
15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये अनुदान (नवीन) योजना हेतु ₹923 करोड़
• प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फॉस्ट्रक्चर मिशन हेतु ₹126 करोड़
● राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना हेतु ₹600 करोड़
• स्मार्ट सिटी हेतु ₹549 करोड़
अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एण्ड अर्बन ट्रॉन्सफॉरमेशन मिशन हेतु ₹183 करोड़
मेट्रो रेल योजना हेतु ₹150 करोड़
ग्रीन कॉरोडोर हेतु ₹518 करोड़ का प्रावधान
• अतिरिक्त स्टॉम्प शुल्क वसूली के विरूद्ध अनुदान हेतु ₹500 करोड़
• मार्कफेड को अंशपूंजी (नवीन) योजना हेतु ₹500 करोड़
● मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईस कापोरेशन को अंशपूंजी (नवीन) योजना हेतु ₹500 करोड़
जल जीवन मिशन योजना हेतु ₹300 करोड़ पारेषण प्रणाली का सुदद्दीकरण (ए.डी.बी.-3) योजना हेतु ₹208 करोड़
● नगरीय निकायों को सड़क मरम्मत के लिए अनुदान की ₹200 करोड़
मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम हेतु ₹200 करोड़
• राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना हेतु ₹150 करोड़ चिकित्सा महाविद्यालय तथा संबंद्ध चिकित्सालय योजना के लिये ₹ 114 करोड़
मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना हेतु ₹100 करोड़
मुख्यमंत्रीपुलिस आवास योजना हेतु ₹100 करोड़ आकस्मिकता निधि की प्रतिपूर्ति विमानन हेतु ₹12 करोड़
मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार हेतु ₹ 3 करोड़ का प्रावधान
● मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति (नवीन) योजना हेतु ₹1 करोड़ . मध्यप्रदेश राज्य सामान्य वर्ग कल्याण आयोग का गठन, इस हेतु ₹50 लाख
● मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन, इस हेतु ₹50 लाख
11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय छात्रवृत्ति में ₹100 करोड़

ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस ने किया सदन की कार्यवाही से बहिष्कार, सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित
तीसरी बार भी सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। स्पीकर ने हंगामे के चलते 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित की।
हंगामे के चलते विधानसभा की कार्रवाही 15 मिनिट के लिए स्थगित कर दी गयी थी।
15 मिनट के बाद फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस विधायक ओबीसी आरक्षण देना होगा के नारे लगाते हुए गर्भ गृह में पहुँच गए।
हंगामे के चलते कारवाही 10 मिनट के लिए दोबारा स्थगित कर दी गयी।
मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस एमएलए सज्जन सिंह वर्मा ने ओबीसी का मुद्दा उठाया सज्जन सिंह वर्मा ने ओबीसी का मुद्दा उठाया।
सज्जन वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सदन में कुछ और बात करते हैं जबकि आदेश जारी कुछ और होता है।
इस पर सरकार के प्रवक्ता और और संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार ने जो कहा वह किया है।
कमलनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन और प्रदेश को जो संदेश दिया उसका पालन होना चाहिए. अब यह कह रहे हैं कि कोर्ट जा रहे हैं सरकार कोर्ट जाए मंदिर जाए कहीं भी जाए मुझे इस से मतलब है कि मुख्यमंत्री ने जो कहा उस पर अक्षरश: पालन होना चाहिए।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आज अर्जेंट रिव्यु की पिटीशन लगा रहे हैं सुप्रीम कोर्ट में, कांग्रेस सिर्फ घड़ियालू आंसू बहा रही है।
इसके बाद सदन में हंगामा खड़ा हो गया।
नगरी प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि गुजरात छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण के आधार पर चुनाव हो रहा है मध्यप्रदेश में कांग्रेस और विवेक तंखा ने कोर्ट में जाकर चुनाव रुकवाने का काम किया है कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।