भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग की साधिकार समिति ने विभिन्न कंपनियों को जल आवंटित किया है। मप्र औद्योगिक विकास निगम को नर्मदापुरम स्थित औद्योगिक क्षेत्र कीरतपुर के लिये तवा बांध की तवा बांयी तट मुख्य नहर से 3.65 मिलियन घनमीटर वार्षिक जल आवंटित किया गया है। 

इसी प्रकार, मप्र जल निगम को छतरपुर जिले की लवकुश नहर समूह प्रदाय योजना के लिये उर्मिल नदी से वर्ष 2017 में किया गया जलावंटन आदेश निरस्त कर अब मझगांय बांध से 14.41 मिघमी सालाना जल प्रदान किया गया है। समरुध्दा माईनचेन प्रा. लि. मुम्बई को ग्राम खातम्बा तहसील मेघनगर जिला झाबुआ में बेनीफिकेशन रॉक फास्फेट प्लांट हेतु रामपुरा बेराज से 0.132 मिघमी वार्षिक जल दिया गया है। 

मेसर्स लेनसेक्स इण्डिया प्रा. लि. थाणे महाराष्ट्र को वर्ष 2021 में नागदा जिला उज्जैन में प्रस्तावित केमिकल प्लांट हेतु नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देश्यीय परियोजना एनवीडीए फेस-2 से 1.85 मिघमी वार्षिक जल दिया गया था परन्तु अब कंपनी के अनुरोध पर इस जल की मात्रा को घटाकर 0.365 मिघमी वार्षिक कर दिया गया है। 

हॉर्टीफूट आईजी बेरिस प्रा. लि. मुम्बई को छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा में स्थापित ग्रैब ब्लूबेरी फ्रूट्स प्लांट हेतु पेंच बांध से 0.20 मिघमी तथा बैतूल जिले की मुलताई तहसील के ग्राम देहरगांव में भी स्थापित ग्रैब ब्लूबेरी फ्रूट्स प्लांट हेतु वर्धा बांध से 0.20 मिघमी वार्षिक जल प्रदान किया गया है। 

नगर परिषद बिस्टान तहसील गोगावन जिला खरगौन को अमृत 2.0 के अंतर्गत निकाय में पेयजल योजना हेतु देजड़ा बांध के डेड स्टोरेज से 1.20 मिघमी वार्षिक जल आवंटित किया गया है। नगर परिषद मोहना जिला ग्वालियर को अमृत 2.0 के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था हेतु ककेटो बांध से 1.69 मिघमी वार्षिक जल दिया गया है। केपी बायो फ्यूल्स प्रालि भोपाल को रायसेन जिले की बरेली तहसील के ग्राम अलीगंज में स्थापित बायो फ्यूल प्लांट हेतु नर्मदा नदी से 0.66 मिघमी वार्षिक जल प्रदान किया गया है। 

औद्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई जिला नर्मदापुरम की विभिन्न इकाईयों के लिये नर्मदा नदी के चांदला घाट से 8.10 मिघमी वार्षिक जल वर्ष 2015 में आवंटित किया गया था जिसे वर्ष 2021 में घटाकर 3.29 मिघमी वार्षिक किया गया था और अब इसके लिये अनुबंध करने की समयावधि 31 दिसंबर 2024 कर दी गई है क्योंकि वहां अधोसंरचना कार्य पूर्ण न होने से कोई औद्योगिक इकाई नहीं आई है।