डॉ. नवीन जोशी

भोपाल: राज्य सरकार अब कर्मचारी चयन मंडल (पूर्व में व्यापम-पीईबी नाम था) में जमा 483 करोड़ 67 लाख 73 हजार 621 रुपये युवा छात्रों के हित में व्यय करेगी। इसके लिये विधानसभा के गत दिसम्बर माह के शीतकालीन सत्र में सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने मप्र कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम में संशोधन का विधेयक पारित कराया था जिसे अब राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है तथा यह एक्ट के रुप में प्रभावशील हो गया है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने भी इस संबंध में सभी विभागों को परिपत्र जारी कर संशोधित अधिनियम के अनुसार कार्यवाही करने का आग्रह कर दिया है।

संशोधित अधिनियम में तीन बिन्दु निर्धारित किये गये हैं। एक, राज्य सरकार, केंद्रीय सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, अर्ध शासकीय संस्थाओं द्वारा की जा रही नियुक्तियां, जो मप्र लोक सेवा आयोग के कार्यक्षेत्र से बाहर हैं, के संबंध में चयन पध्दति विकसित करना और चयन प्रक्रिया का संचालन करना एवं उनके अनुरोध पर ऐसा चयन करना।

दो, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से ऐसे क्रियाकलाप करना, जो युवा छात्रों को विभिन्न प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिये सहायता करना। तीन, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों तथा शैक्षणिक संस्थाओं की अवसंरचना विकास के लिये ऐसे क्रियाकलाप संचालित करना, जो छात्रों के हित में हो।

उल्लेखनीय है कि कर्मचारी चयन मंडल ने वर्ष 2020 से अब तक विभिन्न चयन परीक्षाओं के आयोजन में अभ्यर्थियों से 113 करोड़ 84 लाख 81 हजार 30 रुपये शुल्क के रुप में प्राप्त किये हैं तथा पहले की जमा राशि को मिलाकर उसके बैंक खाते में अब 483 करोड़ 67 लाख 73 हजार 621 रुपये हो गये हैं। इतनी भारी भरकम राशि को खर्च करने का कानूनन अधिकार नहीं था जिसे अब उक्त संशोधित अधिनियम के जरिये राज्य सरकार ने प्राप्त कर लिया है। अब यह राशि युवा छात्र-छात्राओं के कल्याण पर व्यय राज्य सरकार द्वारा खर्च की जायेगी।