आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ कड़े निर्णय लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंकी संगठन अल उमर मुजाहिदीन के मुख्य कमांडर मुस्ताक अहमद जरगर उर्फ लटरम को आतंकवाद विशेष अधिनियम कानून के तहत डेजिग्नेटिड आतंकी घोषित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, मंत्रालय ने कुछ समय पहले ही कुख्यात आतंकवादी सरगना हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद को भी डेजिग्नेटिड आतंकी घोषित किया था।

मंत्रालय का बड़ा फैसला :

गृह मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मुश्ताक अहमद जरगर को आतंकी घोषित कर दिया है। जरगर को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।

विमान अपहरण में था शामिल :

1999 में इंडियन एयरलाइन्स का एक प्लेन नेपाल से हाईजैक कर लिया गया था। आतंकी इसे काठमांडू से अमृतसर और लाहौर के बाद अफगानिस्तान के कंधार ले गए। वहां 178 पैसेंजर्स की सेफ रिहाई के बदले आतंकियों ने मौलाना मसूद अजहर और अहमद जरगर समेत 3 आतंकियों की रिहाई की शर्त रखी थी। जिसके बाद भारत सरकार ने सभी को छोड़ दिया।

सरकार ने किया था रिहा :

आपको बता दें कि, मुश्ताक अहमद जरगर उन आतंकवादियों में से एक था, जिसे इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट हाईजैक मामले में यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए 1999 में भारत सरकार द्वारा रिहा किया गया था।

इन आतंकवादियों को किया गया रिहा :

प्लेन हाईजैक के बाद केंद्र सरकार ने यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख, मुश्ताक अहमद जरगर जैसे आतंकवादियों को रिहा कर दिया।