धर्म की आड़ में लापरवाही इस कदर 36 जिंदगियों पर भारी पड़ गई की, ना सिर्फ एक इलाके बल्कि पूरे इंदौर में ही अचानक मातम पसर गया. कल रामनवमी के अवसर पर पूरा देश भक्ति में डूबा हुआ था तो वहीं मध्य प्रदेश का इंदौर शहर कल (30 मार्च) सुबह 11 बजे से ही मातम में डूबा हुआ है.
इंदौर के श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में (30 मार्च) रामनवमी के दिन सुबह करीब 11 बजे एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने सभी को हिलाकर रख दिया. यहाँ करीब 60 साल पुराने मंदिर में रामनवमी के अवसर पर पूजा चल रही थी. तभी 11 बजे पूजा के बाद हवन शुरू हुआ.
उस दौरान मंदिर के अंदर बावड़ी की गर्डर फर्शी से बनी छत पर 60 से ज्यादा लोग बैठे हुए थे. तभी अचानक वजन ज्यादा होने के कारण बावड़ी पर बना छत भरभराकर गिर गया. उस पर बैठे सभी लोग 60 फीट गहरी बावड़ी में गिर गए. इससे जुड़ी हुई तस्वीरें देखकर ही आप घटना का अंदाजा लगा सकते हैं.
हादसे के बाद पहले पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रस्सी के ज़रिये कई लोगों को बहार निकला. उसके कुछ समय बाद से ही तस्वीर मातम में बदलनी शुरू हो गई क्योंकि एक के बाद एक करीब 36 शव निकाले गए. बावड़ी में नीचे करीब 4-5 फीट पानी और ज्यादा मलबे के साथ-साथ छोटी जगह होने के कारण लोगों को रेस्क्यू करने में टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
यही कारण था कि आर्मी और प्रशासन की कई टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में दूसरे दिन भी जुटी रही. फ़िलहाल, अब तक इस हादसे में 36 लोगों की जान चली गई हैं. तक़रीबन 20 से ज्यादा लोग इस हादसे में घायल भी हुए हैं, उनका इलाज चल रहा है.
इंदौर पहुंचे सीएम शिवराज..! लोगों ने किया विरोध-
घटना के अगले दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने इंदौर पहुंचे तो घटनास्थल के पास एक धर्मशाला में पटेल समाज के लोग इकट्ठा हो गए. जैसे ही सीएम शिवराज उनसे मुलाकात करने आये तो सभी ने हाय-हाय और मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए.
भीड़ का गुस्सा देख मृतकों के परिजनों से मुलाकात किये बगैर ही सीएम शिवराज को वापस लौटना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में पटेल समाज के 11 लोगों की मौते हुई है. फ़िलहाल, अब तक कार्यवाहीं के नाम पर इंदौर नगर निगम के बिल्डिंग ऑफिसर और बिल्डिंग इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया हैं. इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.
हादसे का जिम्मेदार कौन?
इस हादसे के बाद बड़ा सवाल तो यहीं हैं कि इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं? क्योंकि ये मंदिर पार्क की जमीन पर एक गहरे सार्वजनिक कुएं सहित उसके आसपास की 1500 वर्ग फीट जमीन पर कथित अतिक्रमण कर बनाया गया था. सालों पहले कुएं के ऊपर स्लैप डालकर ये मंदिर तैयार किया गया था.
उस समय अवैध निर्माण कर मंदिर समिति ने बिना अनुमति अवैध ढंग से बावड़ी को ढंक दिया था. वहां मौजूद लोगों का कहना था कि नगर निगम की तरफ से मंदिर ट्रस्ट को कुछ समय पहले ही नोटिस आया था लेकिन ट्रस्ट आस्था की आड़ लेकर बचता रहा.

अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की तरफ से भी कई बार ट्रस्ट और नगर निगम को भी नोटिस भेजा गया लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया. कुल मिलाकर अगर हादसे से पहले ही अवैध निर्माण पर कोई बड़ा एक्शन ले लिया गया होता तो शायद इतने लोगों की जान नहीं जाती.


हादसे के बाद पीएम मोदी के कार्यक्रम में बड़ा बदलाव-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 1 अप्रैल को भोपाल आ रहे हैं. पीएम मोदी के आगमन की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं. ताज़ा जानकारी के अनुसार, इंदौर हादसे के बाद पीएम मोदी के कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया गया हैं.
बीते दिन रामनवमी के अवसर पर इंदौर में हुए दुखद हादसे के चलते प्रधानमंत्री मोदी का भोपाल में स्वागत नहीं किया जाएगा. इसके अलावा पीएम के रोड शो को भी कैंसिल कर दिया गया है. बता दें कि कल पीएम मोदी एमपी की पहली वंदे भारत ट्रेन को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाएंगे. साथ ही कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कंबाइंड कमांडर कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे.