लम्बे समय से पेट्रोल-डीजल की कांटों की मार झेल जनता को जल्दी ही बड़ी राहत मिल सकती है। आगामी कई राज्यों के चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी के आसार बन गए हैं। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय मार्केट में काफी समय से कच्चे तेल की कीमतों में आई कामे को बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत में 2.5 रुपए तक की राहत मिल सकती है।

पेट्रोल पर इस वक्त कंपनियों को करीब 6 रुपये प्रति लीटर का सरप्लस मिल रहा है। ऐसे में कंपनियों के लिए दाम घटाना मुमकिन है। अब पिछले नुकसान की भरपाई के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पूरा फायदा तो ग्राहकों को देने से रहीं लेकिन इसका कुछ अंश वो जरूर आम आदमी को राहत देने के लिए कम कर सकती हैं। हिमाचल और गुजरात में चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद कीमतों में कटौती के कयास बढ़ गए हैं। अनुमान है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर तेल मार्केटिंग कंपनिया ढाई रुपये प्रति लीटर तक की राहत लोगों को दे सकती हैं। 

भारत ने इस साल भारत के कुल क्रूड आयात में रूस की हिस्सेदारी 2 फीसदी से 20 फीसदी तक कर ली है। भारत को अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले रूस से बेहद कम कीमत पर कच्चा तेल मिल रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में जहां क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल पर मिल रहा है। वहीं रूस से 25 डॉलर प्रति बैरल तक पर भारत को कच्चा तेल मिल रहा है।  

रूस से आयात बढ़ने से इराक पर भी दबाव बढ़ा है, जिसकी वजह से हाल ही में इराक ने अपने क्रूड ऑयल का दाम भारत के लिए काफी घटाया है। कुछ वैरायटी का कच्चा तेल तो वो रूस से भी कम कीमत पर भारत को दे रहा है,इस सबकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति बैरल पर मिलने वाला कच्चा तेल भारत को 75 से 80 डॉलर प्रति बैरल के औसत दाम मे मिलता है।