भोपाल: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की मुलाकात के बाद संगठन में फेरबदल की संभावना बलवती होती जा रही है. प्रदेश के प्रभारी महासचिव मुकुल वासनिक संगठन की ग्राउंड रिपोर्ट लेने के लिए प्रदेश दौरे पर आ रहे हैं. इस बीच आदिवासी विधायक एवं पूर्व मंत्री उमंग सिंगार ने गुजरात प्रभारी सचिव के रूप में कार्य करने की असमर्थता व्यक्त की है. 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी हाईकमान अब महसूस करने लगा है कि मिशन-2023 के लिए संगठन में फेरबदल आवश्यक है. पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और उसके बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से मुलाकात के दौरान प्रदेश संगठन की हालात पर से गंभीरता से चर्चा की. चर्चा के दौरान प्रदेश के दोनों नेताओं ने प्रदेश कांग्रेश की ग्राउंड हकीकत से अवगत कराया. पूर्व पार्टी अध्यक्ष अरुण यादव ने तो संगठन में बड़े फेरबदल करने का आग्रह किया है.

सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद अरुण यादव और अजय सिंह के तेवर बदले-बदले से नजर आने लगे हैं. मैहर की अपनी यात्रा के दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के संकेत दिए है. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ और उनके कोर ग्रुप ने लंबे अरसे से दोनों ही नेताओं को पार्टी की मुख्य धारा से हाशिए पर धकेल रखा है. भाजपा के गढ़ रैगांव (सतना) विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस को मिली सफलता ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की राजनीतिक उम्मीदें की संभावना बलवती हो गई.

एक नेता दो पद का विरोध तेज :

समय से पहले बजट सत्र समाप्त होने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ पर परोक्ष रूप से राजनीतिक हमले तेज हो गए हैं. कुछ विधायक ने पार्टी हाईकमान को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि कमलनाथ के पास दो-दो जिम्मेदारी होने की वजह से न तो वे संगठन चला पा रहे हैं और न ही सदन को समय दे पा रहे हैं. कांग्रेस के संविधान में एक व्यक्ति एक पद की परंपरा को वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने तोड़ दिया है. लंबे अरसे से दोनों ही पदों पर विराजमान है. आम जनमानस में यह धारणा बन रही है कि नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इसके कारण पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है. पार्टी हाईकमान से आगरा किया गया है कि एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को प्रदेश में लागू कराया जाए.

गुजरात में काम करने उमंग ने जताई असमर्थता :

पिछले दिनों कांग्रेस कमेटी ने वरिष्ठ आदिवासी नेता उमंग सिंगार को गुजरात का प्रभारी सचिव बनाया था. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद गत दिनों पूर्व मंत्री एवं विधायक उमंग सिंगार ने राहुल गांधी से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान 2023 में मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव मैं अपने विधानसभा सिंगार ने आगरा किया है कि गुजरात प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए. संबंध में उन्होंने तर्क दिया कि 2023 में मध्यप्रदेश में भी विधानसभा के चुनाव होना है. चुनाव को देखते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र गंधवानी में अधिक समय देने के लिए गुजरात प्रभारी सचिव जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से नहीं निभा पाऊंगा.