भोपाल: जनहित के कामों में अपने विवेक से खर्च की जाने वाली राशि को लेकर अक्सर जनप्रतिनिधि काफी सजग रहते हैं। इसे बढ़ाने की जरूरत पर भी बातें खूब होती हैं। लेकिन अब मामला मप्र विधानसभा के अध्यक्ष यानि स्पीकर गिरीश गौतम का है, दरअसल उन्होंने उपाध्यक्ष की स्वेच्छानुदान राशि खर्च करने के लिये मांग ली है। 

वजह यह कि अभी विस उपाध्यक्ष नहीं हैं लिहाजा उपाध्यक्ष का स्वेच्छानुदान लगातार डूब रहा है। बताते हैं कि गौतम ने इसके लिये संसदीय कार्य विभाग और वित्त विभाग को स्वीकृति देने का आग्रह किया है। यद्यपि अभी वित्त विभाग ने फिलहाल इस पर कोई सहमति नहीं दी है।

जानकारी के मुताबिक विस अध्यक्ष गिरीश गौतम तो अपनी स्वेच्छानुदान राशि ढाई करोड़ रुपये सालाना का उपयोग कर रहे हैं परन्तु डिप्टी स्पीकर यानि विस उपाध्यक्ष की स्वेच्छानुदान राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है क्योंकि इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई है। 

पिछले साल भी डिप्टी स्पीकर की स्वेच्छानुदान राशि लैप्स हो गई थी लेकिन इस वित्तीय वर्ष में यह राशि लैप्स न हो इसके लिये स्पीकर गिरीश गौतम ने यह राशि उन्हें दिये जाने की मांग कर दी है। चूँकि मौजूदा वित्तीय वर्ष के खत्म होने में सिर्फ डेढ़ माह रह गये हैं, इसलिये डिप्टी स्पीकर की राशि का भी जनहित में उपयोग करने की जरूरत है। 

गौतम ने मांग रखी है कि या तो डिप्टी स्पीकर की राशि उन्हें व्यय करने दी जाये या फिर उन्हें दी जाने वाली स्वेच्छानुदान राशि को ढाई करोड़ रुपये से बढ़ाकर साढ़े तीन करोड़ रुपये कर दिया जाए। हालांकि इस पर अभी वित्त विभाग ने कोई निर्णय नहीं लिया है। 

संसदीय कार्य विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि स्पीकर ने डिप्टी स्पीकर को स्वेच्छानुदान राशि मांगने संबंधी पत्र लिखा है। वित्त विभाग से सहमति मिलने पर संशोधित आदेश जारी कर दिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो यह मामला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास भी पहुंचा है तथा कैबिनेट में भी मंजूरी के लिये लाया जा सकता है।

कांग्रेस सरकार में बढ़ी थी राशि..

उल्लेखनीय है कि वर्तमान विधानसभा के गठन के बाद हिना कावरे जनवरी 2019 में डिप्टी स्पीकर बनी थीं। उन्होंने 24 मार्च 2020 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से अब तक विधानसभा में डिप्टी स्पीकर नियुक्त ही नहीं किया गया है। 

कमलनाथ सरकार ने 16 मार्च 2020 को संसदीय कार्य विभाग के माध्यम से आदेश जारी कराकर स्पीकर के लिए ढाई करोड़, डिप्टी स्पीकर एवं नेता प्रतिपक्ष के लिए स्वेच्छानुदान राशि इकट्ठा एक करोड रुपये सालाना करा ली थी इसे मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निरंतर रखा है।