भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रमुख ब्याज दर अर्थात रेपो रेट में 0.50 फीसदी का इजाफा करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही अब रेपो रेट बढ़कर 5.40 फीसदी हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई में कमी लाने के लिए रेपो रेट में यह बढ़ोतरी की है।आपको बता दे कि मौजूदा मंहगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक के तय आनुमान से ज्यादा हैं। हाल ही में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने भी ब्याज दरों में इजाफा किया था। इसके चलते उम्मीद की जा रही थी कि आरबीआई भी ब्याज दरों को बढ़ाने का फैसला लेगा। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास 3 अगस्त से 5 अगस्त तक चली मौद्रिक नीति समिति के फैसलों की जानकारी दे रहे हैं।
लोन कि EMI में होगा इज़ाफ़ा
ब्याज दरों में हुई बढ़ोतरी का बोझ बैंक अपने ग्राहकों पर डालेंगे। जिसके चलते होम लोन,ऑटो लोन, पर्सनल लोन मंहगे हो जाएंगे और आपकी लोन की किस्त बढ़ जाएगी।अगर आपका होम लोन 30 लाख रुपये का है और इसकी अवधि 20 साल की है तो आपकी किस्त 24,168 रुपये से बढ़कर 25,093 रुपये पर पहुंच जाएगी
क्या होता है रेपो रेट
रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से पैसा उधार लेते हैं और इसे रेपो रेट को प्रमुख ब्याज दर के नाम से भी जानते हैं। जब बैंकों के लिए उधारी महंगी हो जाती है, तो वे ग्राहकों को भी अधिक दर पर लोन देते हैं। इसका सीधा अर्थ है कि रेपो रेट बढ़ने पर होम लोन (Home Loan), कार लोन और पर्सनल लोन जैसा कर्ज महंगा हो जाता है। इसके अलावा ग्राहकों को बैक में जमा उनके रुपये पर दिए जाने वाले ब्याज का निर्धारण भी मोटे तौर पर रेपो रेट से ही होता है मतलब रेपो रेट में बढ़ोतरी होने पर बैंक एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों को भी बढ़ा देते हैं।