क्रिकेट के इतिहास में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न की प्रतिद्वंदिता जग जाहिर थी। 1998 के दौर में सचिन ने शेन वॉर्न की गेंदों पर जमकर रन कूटे थे। एक बार खुद शेन वॉर्न ने ये कहा था कि सचिन उनके सपने में आते हैं और वो मेरी गेंदों पर छक्के मारते हैं। कुछ ऐसा ही हाल अब टीम इंडिया के टॉप स्पिनर यजुवेंद्र चहल का भी हो रहा है। चहल को भी अब एक बल्लेबाज़ का खौफ सताने लगा है।
टीम इंडिया के खिलाफ दूसरे T-20 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ हेनरी क्लासेन ने विस्फोटक पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। क्लासेन ने इस मुकाबले में 46 गेंदों पर 81 रनों की आतिशी पारी खेली थी। क्लासेन ने अपनी पारी में सबसे ज्यादा टारगेट यजुवेंद्र चहल को किया था। इस मुकाबले में क्लासेन ने चहल की 13 गेंदों पर 30 रन जड़े थे।
यह पहली बार नहीं जब क्लासेन ने चेहरे की गेंदों को जमकर कूटा हो। इससे पहले भी क्लासेन चहल की गेंद पर जमकर प्रहार कर चुके हैं। साल 2018 में खेले गए टी-20 मुकाबले में क्लासेन ने चहल की 12 गेंदों पर 41 रन बनाए थे। क्लासेन ने उसी पारी के अंदाज में एक बार फिर चहल को निशाना बनाया और यह जताया कि चहल की फिरकी पर बड़े प्रहार करना उन्हें बहुत रास आ रहा है।
इस तरह चहल के खिलाफ क्लासेन दो पारियों में 25 गेंदे खेलकर कुल 71 रन बना चुके हैं। उनका स्ट्राइक रेट करीब 290 का है। इतनी बुरी तरह चहल को अब तक किसी भी बल्लेबाज़ ने नहीं टारगेट नहीं किया है। इतना तय है कि हेनरी क्लासेन अब चहल की नींद उड़ा चुके हैं।