भोपाल। सोमवार शाम को मध्यप्रदेश में आंधी कहर बनकर टूटी. तेज हवा,बारिश और ओलों के कारण प्रदेश में 5 लोगों की मौत हो गई. राज्य में हजारों पेड़ और बिजली के खंभे भी गिरे हैं जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत तो दे दी लेकिन आंधी तो मानो आफत बनकर आई। आंधी से मध्यप्रदेश में आम की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। कच्चे आम टूट कर गिरने से बागवान निराश हैं। इधर मैहर में आंधी के दौरान मां शारदा का दर्शन करने गए 3 दर्जन भक्त करीब डेढ़ घंटे तक हवा में फंसे रहे।
विंध्य और महाकोशल में आंधी ने खासतौर पर तबाही मचाई. इससे विंध्य और महाकोशल इलाके में 4 लोगों की जानें गई. अशोकनगर में 1 व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही 15 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। विंध्य महाकोशल में पेड़ गिरने से अनेक क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो चुकी है। कई स्थानों पर बिजली के पोल गिरे हैं।
महाकोशल-विंध्य के ज्यादातर जिलों में बारिश—आंधी ओलों ने तबाही मचाई. सोमवार को दिनभर तेज धूप खिली रही पर इसके बाद अचानक मौसम बदल गया। शाम को तेज हवा और आंधी चली. सतना जिले के ग्राम दधुआ में नीम का पेड़ गिरने से दो बालिकाओं की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। मृतकों में 18 साल की मनीषा कोले और 15 साल की सीमा कोल हैं जोकि अमरपाटन सतना निवासी हैं। पेड़ की चपेट में आने से 14 वर्ष की विमला रावत, 15 वर्षीय ज्योति रावत, 18 वर्षीय शोभा रावत और 40 वर्षीय महाल दीजी रावत घायल हो गईं। ये सभी आंधी और बारिश से बचने के लिए नीम के पेड़ के नीचे छिप गई थीं।
सतना के ही भैंसाखाना के पास गुड्डा यादव के ऊपर मकान का छज्जा गिर जाने से उनकी मौत हो गई। उमरिया जिले में करीब डेढ़ घंटे तेज आंधी चली। इससे इंदवार थाना क्षेत्र के ग्राम सुखदास में आम का पेड़ गिरने से महिला मुन्नी बाई की मौत हो गई। अशोकनगर में भोज के दौरान पेड़ गिरने से बुजुर्ग गोपाल सिंह ठाकुर की मौत हो गई और यहां मौजूद आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल भी हो गए। प्रदेश में करीब 16 जिले आंधी—बारिश और ओलों के गिरने से प्रभावित हुए हैं. मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों के लिए भी बारिश आंधी ओलों का अलर्ट जारी किया है.