भोपाल: भोपाल स्थित वन मुख्यालय की वन्यप्राणी शाखा की प्रमुख समीता राजौरा ने बताया कि प्रदेश के वन क्षेत्रों एवं उसके आसपास बाघों की सालाना मृत्यु 5 प्रतिशत से भी कम है तथा यह सामान्य स्वरुप का है क्योंकि प्रदेश में बाघों की संख्या साढ़े सात सौ से भी अधिक है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मौतें प्राकृतिक स्वरुप की हैं, हालांकि जो भी मृत्यु होती है उसकी सूचना केंद्र सरकार के एनटीसीए को तुरन्त दी जाती है और सभी प्रोटोकाल का पालन किया जाता है। 

उन्होंने कान्हा में पिछले दिनों मृत चार बाघों के मामले में बताया कि किसी संक्रामक पशु को खाने से इनकी मृत्यु हुई है जिस पर संबंधित वन क्षेत्र को संक्रमण मुक्त करने की कार्यवाही की गई है और आसपास के ग्रामों के तीन सौ से अधिक कुत्तों का वैक्सीनेशन किया गया है।