भोपाल. टाइगर रिजर्व के एरिया खतौली रेंज में अवैधानिक रूप से बनाए गए टाइगर वैली रिसोर्ट के अंदर गंभीर रूप से घायल शावक की उपचार के दौरान मुकुंदपुर जूँ सतना में मौत हो गई. शावक की मौत को लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी जेएस चौहान ने जांच के आदेश दिए हैं. सूत्रों ने बताया कि  प्रथम दृष्टया शिकार मानते हुए जांच की जाएगी.
 बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खतौली रेंज अंतर्गत टाइगर वैली रिसोर्ट के अंदर घायल शावक को लेकर अलग-अलग कहानियां सुनाई दे रही हैं. पार्क प्रबंधन शावक के घायल होने की कहानी नर बाघ के हमले से ढूंढ कर बता रहा है. जबकि टाइगर रिजर्व के चौकीदार और वहां के जानकारों का कहना है कि शावक का शिकार करने का प्रयास किया गया. शरीर पर नर बाघ के नाखून के निशान नहीं है, बल्कि वलल्म की नोंक से उसके पीठ पर वार किया गया. शावक पर पीछे से लट्ठ से भी हमला किया गया जिसके कारण उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई है. बांधवगढ़ में घायल शावक की मुकुंदपुर जू सतना में  उपचार के दौरान मौत हो गई.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी उठने लगे सवाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर घाव के निशान मौजूद पाए गए. पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शावक के शरीर पर घाव नाखून के हैं या फिर वल्लम की नोंक के निशान है. वन्य प्राणी विशेषज्ञ पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विरोध कर रहे हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि शावक की रीढ़ की हड्डी क्यों टूटी?  पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हड्डी टूटने का कोई कारण नहीं दिया गया है. इसी प्रकार से अभी स्पष्ट नहीं किया गया है कि शावक के शरीर पर जो निशान है वह के नाम के हैं या फिर किसी और नोंकदार हथियार के हैं.

 जांच के दिए हैं निर्देश
 प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी जेएस चौहान का कहना है कि टाइगर वैली रिसॉर्ट के अंदर शावक घायल मिला है. वन्य प्राणी नियम के अनुसार प्रथम दृष्टया शिकार का अंदेशा मानते हुए जांच की जाए. इस संबंध में पार्क के संचालक बीएस अन्नागिरी को जांच करने के निर्देश दिए हैं.