अमझोर वन परीक्षेत्र अंतर्गत कौवा सरई गांव का जहां बीती रात एक बाघिन का शव कुंऐ में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है । बाघिन का शव और तेन्दुहा फार्म हाउस के बीच की दूरी महज 200 मीटर की दूरी की बताई जा रही है सूत्रों से प्राप्त जानकारी में पता चला है कि यह खेत सिंह नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है.
वन विभाग के अनुसार उक्त बाघिन के पैर को बांधकर कुएं में फेंका गया था। उक्त घटना के बाद वन विभाग के ऊपर एक बड़ा सवाल खड़ा होते दिख रहा है की यदि बाघिन के मूवमेंट की जानकारी वन विभाग को थी तो समय रहते विभाग द्वारा कोई आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए इस बाघिन की मौत ने वन विभाग पर कई सवालिया निशान खडे कर दिया है।
बाघ संरक्षण को लेकर वन विभाग कितना सक्रिय है उसकी सक्रियता इस घटना के बाद चर्चा का विषय बनी हुई है शहडोल शहर मुख्यालय से सटे क्षेत्रों में भी बाघ के मोमेंट आए दिन सुनने को मिलता रहता है जिस तरीके से बाघ का मूवमेंट देखा जा रहा है उसको देख कर ऐसा कयास लगाए जा रहे हैं घटते वन क्षेत्र बाघों की बढ़ती जनसंख्या को लेकर वन विभाग का प्रबंधन सही तालमेल नहीं बैठा पा रहा है जिसके कारण ही बाघों के मूवमेंट की सही सही जानकारी शायद विभाग के पास नहीं रहती।
बहरहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के आला अधिकारियों के साथ विशेषज्ञों की टीम द्वारा अपनी जांच को अंजाम दिया जा रहा है और इस जांच के बाद ही किसी भी प्रकार का खुलासा हो सकता है ।