भोपाल: सात माह बाद भी राज्य का वन विभाग अब तक तीन वनमंडलों के पास ही भूमि बैंक बना सका है। इनमें अमरकंटक में 12 सौ हैक्टेयर में, बालाघाट में साढ़े सात सौ हैक्टेयर में तथा भोपाल वनमंडल में करीब दो सौ हैक्टेयर में ही यह भूमि बैंक बना है।
अब राज्य के अन्य जिलों के वनमंडलों को भी ऐसा ही भूमि बैंक बनाने के लिये स्मरण पत्र जारी किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि जिन परियोजनाओं के लिये वन भूमि दी जाती है उनमें उतनी ही राजस्व भूमि वन विभाग को हस्तांतरित करना होती है।
केंद्र सरकार ने सात माह पहले 28 जून 2022 को नये वन संरक्षण नियम जारी किये गये थे जिसमें कहा गया था कि राज्य शासन को वन विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में भूमि बैंक बनाना होगा तथा इस भूमि बैंक का न्यूनतम आकार 25 हैक्टेयर का निरन्तर ब्लाक होगा।
इस नियम के बनने के बाद वन मुख्यालय ने सभी जिलों के वनमंडलों को ऐसा भूमि बैंक बनाने के निर्देश दिये थे। परन्तु वन विभाग के एसीएस जेएन कांसोटया द्वारा की गई समीक्षा बैठक में पता चला है कि सिर्फ अमरकंटक, बालाघाट एवं भोपाल वनमंडल के पास ही ऐसे भूमि बैंक बने हैं। अब अन्य वनमंडलों को ऐसा भूमि बैंक बनाने के लिये स्मरण पत्र जारी किया जायेगा।