आज के समय में जीवन व्यस्तताओं से भरा है। इसका प्रभाव हमारे लाइफस्टाइल पर भी पड़ता है। इसी के चलते हम अपने शरीर का पूरा ध्यान नहीं दे पाते और कई तरह की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। यही नहीं कई लोग तो कम उम्र में डायबिटीज का शिकार भी हो जाते हैं। बाजार में मिलने वाले फूड आइटम में तेल-मसालें बहुत ज्यादा मात्रा में रहते है। जो हमारे शरीर को बहुत नुकसान पहुचाते है। ऐसा माना जाता है कि दुनिया की लगभग 11% आबादी डायबिटीज से जूझ रही है। डायबिटीज का कोई स्थायी इलाज नहीं है और इसे कंट्रोल करना मुश्किल तो है लेकिन असंभव नहीं है। कई तरह के आयुर्वेदिक चूर्ण उपलब्ध  हैं  जिन्हें खाने से आपका ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इनके कोई साइड इफेक्सेट भी नहीं होते हैं। 

मेथी के बीजों का चूर्ण : मेथी के बीज हमारे किचन में आसानी से उपलब्ध हैं। रात को दो चम्मच मेथी के दानों को पानी में भिगोकर सुबह बीज खाने के साथ पीने से ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिल सकती है। आप इसे पीसकर चूर्ण बना सकते हैं और सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ लेने से आपको शुगर लेवल मेंटेंन करने में मदद मिलेगी। 

आंवला चूर्ण : आंवला एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है। यह विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरा हुआ है। यह डायबिटीज कंट्रोल करने में प्रभावी है। आंवला में क्रोमियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह खनिज उचयापचय को बेहतर बनाता है। क्रोमियम ब्लड शुगर को कंट्रोल रखते हुए आपके शरीर में इंसुलिन क्षमता में सुधार करता है। आप आंवले को सूखाकर उसका चूर्ण बना सकते हैं और रोज सुबह गर्म पानी के साथ ले सकते हैं। 

दालचीनी का चूर्ण : दालचीनी एक नैचुरल बायोएक्टिव मसाला है और ब्लड शुगर लेवल एक सही लेवल पर बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसका सेवन करना आसान है। बस एक गिलास पानी में आधा चम्मच पिसी हुई दालचीनी डालें, अच्छी तरह मिलाएं और धीरे-धीरे घूंट-घूंट कर पिएं। 

सहजन का चूर्ण : सहजन इसके पत्ते, फूल, डंठल और फल सभी में औषधीय गुण होते हैं। साउथ इंडिया में कई डिश बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए बढ़िया जड़ी बूटी है। आप इसके पत्तों को पीसकर चूर्ण बना लें और डॉक्टर की सलाह पर रोजाना सुबह गर्म पानी के साथ लें। 

त्रिफला : त्रिफला एक चूर्ण सूत्र है जिसमें हरीतकी, आंवला और बिभीतकी शामिल हैं। कब्ज से राहत और आंत के स्वास्थ्य में सुधार के अलावा, यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए एक आयुर्वेदिक दवा के रूप में भी काम करता है। चूंकि यह एंटीऑक्सिडेंट है इसलिए यह शरीर के ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकता है। 

इन सभी चूर्ण को आप डॉक्टर की सलाह पर अपने नियमित आहार में शामिल करके शरीर में ब्लड शुगर लेवल को कन्ट्रोल में रख सकते हैं।