नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के पूछताछ के विरोध में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को करीब 75 कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। जानकारी के अनुसार, इसमें राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम भी शामिल है।

साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, अजय माकन, के.सी. वेणुगोपाल, अधीर रंजन चौधरी, शशि थरूर, सचिन पायलट समेत कई बड़े नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। नागपुर में भी विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया।

ईडी कार्यालय में सोनिया गांधी से आज की पूछताछ खत्म हो गई है। केंद्रीय एजेंसी ईडी उन्हें सोमवार को फिर से पूछताछ के लिए बुला सकती है। वहीं इस दौरान प्रियंका और राहुल गांधी भी ईडी कार्यालय में मौजूद थे।

ED ने पहले भी जारी किया था समन-

गौरतलब है कि ईडी ने इससे पहले सोनिया गांधी को 23 जून को पेश होने के लिए एक समन जारी किया था, लेकिन वह इस तारीख को पेश होने में विफल रहीं थी। क्योंकि कोविड-19 और फेफड़ों के संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर पर ही आराम करने की सलाह दी थी। सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष को 8 जून को पेश होने का नोटिस दिया गया था, लेकिन कोरोनवायरस से संक्रमित होने के कारण उन्हें नई तारीख दी गई।

यह भी पढ़े: 

 

ईडी ने सोनिया गांधी के बेटे और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से इस मामले में पांच दिनों तक कई सत्रों में 50 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। यह जांच कांग्रेस द्वारा प्रवर्तित यंग इंडियंस प्राइवेट लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार से संबंधित है।

ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत एक नया मामला दर्ज होने के बाद सोनिया और राहुल गांधी से पिछले साल के अंत में पूछताछ शुरू की गई थी। इससे पहले, निचली अदालत ने 2013 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक निजी आपराधिक शिकायत के आधार पर यंग इंडिया के खिलाफ आयकर विभाग की जांच पर ध्यान दिया था।