-कैबिनेट के निर्णय से 15,000 से अधिक संयुक्त वन समितियों के मिलेंगे 160 करोड़

भोपाल. मिशन-2023 को फतह करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में पेसा एक्ट लागू करने विदिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया है कि वन उपज का 20% राशि संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को दिया जाएगा. मुख्यमंत्री चौहान के निर्णय से संयुक्त वन समितियों को लगभग 160 करोड़ रूपया को मिलेगा.

शिवराज सरकार ने यह ऐतिहासिक फैसला विधानसभा चुनाव में पुनः सत्ता हासिल की मंशा से लिया है. मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी मज़बूत पकड़ रखने वाले शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासी वोट बैंक साधने के लिए विभाग की कैबिनेट प्रेशी को ही बदल दिया. विभाग ने कैबिनेट में फैसले के लिए वनोपज से प्राप्त राशि का 10 % देने का प्रस्ताव दिया. मुख्यमंत्री चौहान ने संशोधित करते हुए वनोपज से प्राप्त राजस्व 20% राशि दिये जाने का निर्णय लिया. इस निर्णय से जंगल महकमे के अधिकारी भी हतप्रभ रह गए. यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार को वनोपज से 800 से 900 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्त होती है. यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 से संयुक्त वन समितियों को जंगलों की सुरक्षा एवं संवर्धन के लिए वनोपज का 10% लाभांश राशि दिया जाता था. वर्ष 2015 में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव वन एपी श्रीवास्तव ने वित्त विभाग की आपत्तियों को दृष्टिगत रखते हुए लाभांश राशि बंद कर दी थी. 7 साल बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संयुक्त वन समितियों की याद आई. वह भी तब जब अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं.

सत्ता की चाबी आदिवासियों के पास

मध्य प्रदेश सत्ता की चाबी आदिवासी वोट बैंक के पास निहित है. प्रदेश में 45 विधानसभा क्षेत्र आदिवासियों के लिए आरक्षित है. हालांकि 103 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर हार जीत का फैसला आदिवासी वोटर करते आ रहे हैं. वर्ष 2003 के पहले तक आदिवासियों का झुकाव कांग्रेस के प्रति रहा है. कांग्रेस की वोट बैंक में बीजेपी में सेंध लगा दी. 2003 विधानसभा चुनाव में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 41 सीटों में से बीजेपी ने 37 सीटों पर कब्जा जमाया था. चुनाव में कांग्रेस केवल 2 सीटों पर सिमट गई थी. 2008 के चुनाव में आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 41 से बढ़कर 47 हो गई. इस चुनाव में बीजेपी ने 29 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 2013 के इलेक्शन में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों में से बीजेपी ने जीती 31 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस के खाते में 15 सीटें 2018 के इलेक्शन में आदिवासियों के लिए आरक्षित 47 सीटों में से बीजेपी केवल 16 सीटें जीत सकीं. कांग्रेस ने दोगुनी यानी 30 सीटें जीत लीं, जबकि एक निर्दलीय के खाते में गई. लेकिन, 2021 के उपचुनाव में वापस जोबट सीट बीजेपी के खाते में गई, जिससे बीजेपी के पास 17 सीटें हो गई और कांग्रेस के पास 29.

2-मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मंत्री मंडल के सदस्यों के साथ प्रदेश के विकास के रोडमेप को लेकर बैठक की। 

26 और 27 मार्च को कान्हा में चिंतन बैठक में सभी मंत्रियों की समितियां काम की जानकारी देंगी। 

कन्या विवाह समिति में मंत्री कमल पटेल, मंत्री  तुलसीराम सिलावट, मंत्री प्रेम सिंह पटेल रहेंगे। गोवर्धन योजना के लिए समिति में मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मंत्री  ओम प्रकाश सकलेचा, मंत्री  प्रेम सिंह पटेल रहेंगे 

गाँव-गौरव दिवस के लिए समिति में मंत्री भूपेंद्र सिंह, मंत्री नंदकिशोर कावरे रहेंगे। 

कर्मचारियों से संवाद के लिए समिति में मंत्री  अरविंद भदौरिया, मंत्री विश्वास सारंग रहेंगे। 

तीर्थ दर्शन योजना की समिति में मंत्री सुश्री ऊषा ठाकुर, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत रहेंगे।

शहरी, ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास समिति में मंत्री भूपेंद्र सिंह, मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया रहेंगे। 

लाडली लक्ष्मी 2 योजना की समिति में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, मंत्री ऊषा ठाकुर, मंत्री सुश्री मीना सिंह, मंत्री डॉ. विजय शाह, मंत्री कमल पटेल रहेंगे

राशन वितरण की समिति में मंत्री बिसाहू लाल सिंह,मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, मंत्री अरविंद भदौरिया रहेंगे। 

सीएम राइज स्कूल की समिति में मंत्री इंदर सिंह परमार, मंत्री  नंदकिशोर कावरे रहेंगे। 

जल जीवन मिशन की समिति में, मंत्री  गोपाल भार्गव, मंत्री ब्रजेंद्र यादव , मंत्री  जगदीश देवड़ा रहेंगे।

3- MP में हटेंगी पूर्व CM अर्जुन सिंह सहित 2013 के बाद चौराहों पर लगी मूर्तियां

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में चौराहों पर लगी मूर्तियों के संबंध में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा है कि प्रदेश में 18 जनवरी 2013 के बाद चौराहों पर लगी सभी मूर्तियां हटाई जाएंगी. कोर्ट ने यह फैसला आज भोपाल के टीटी नगर चौराहे पर लगी पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की प्रतिमा के संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया. याचिकाकर्ता ने कहा था कि मूर्तियों से ट्रैफिक प्रभावित होता है. कोर्ट ने भोपाल नगर निगम और राज्य सरकार पर 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. इसमें से 10 हजार रुपए याचिकाकर्ता को मिलेंगे.

जबलपुर निवासी सोशल वर्कर ग्रीष्म जैन की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई थी. इस पर कोर्ट में गुरुवार सुबह सुनवाई हुई. टीटी नगर में नानके पेट्रोल पंप के सामने चौक पर पूर्व सीएम अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाई गई है. याचिका में कहा गया था कि ये प्रतिमा 18 जनवरी 2013 के बाद लगाई गई है. तब सुप्रीम कोर्ट ने पूरे प्रदेश में चौक और सार्वजनिक स्थलों पर मूर्ति या प्रतिमा लगाने पर रोक लगा दी थी.

 

भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र परासर ने पूर्व विधायको की मांगों पर उठाए सवाल

कहा, भत्ते, टोल फ्री की जगह करते  जरूरतमंदों के लिए कोई अभूतपूर्व मांग। 

परासर ने ट्वीट कर माननी यो पर साधा निशाना। 

पूर्व विधायको में भाजपा कांग्रेस सहित सभी दलों के पूर्व विधायक हैं शामिल। 

आज विधानसभा में अध्यक्ष के सामने पूर्व विधायको ने हेलीकॉप्टर, हवाई यात्रा, भत्ता बढ़ाने जैसी रखी थीं कई मांगे।