भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग ने रीवा जिले की त्यौंथर बहाव योजना का ठेका मेसर्स एचईएस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रालि हैदराबाद को दिया था जिसने तीन वर्ष के बजाये नौ वर्ष का समय लगाया और इस अवधि में भी कार्य पूर्ण नहीं किया। इस पर इस कंपनी को 21 अक्टूबर 2022 को निलम्बित कर उसे काली सूची में डाल दिया गया था।
परन्तु कंपनी द्वारा अपील कर निलम्बन समाप्त करने का निवेदन किया गया जिस पर जल संसाधन विभाग ने पंजीयन बहाल कर कंपनी को काली सूची से हटा दिया है, परन्तु शर्त रखी है कि कंपनी 31 मार्च 2023 तक त्यौंथर बहाव योजना में 25 हजार हैक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित करेगी तथा कार्य का 95 प्रतिशत यानि शेष 15 हजार हैक्टेयर सिंचाई क्षमता जून 2023 तक पूर्ण करेगी।
उक्त कंपनी को 21 अक्टूबर 2022 को जब ब्लेक लिस्ट किया गया था तब उसके बारे में जल संसाधन विभाग ने लिखा था कि कंपनी ने कार्य पूर्ण न कर राष्ट्रीय कृषि उत्पादन में 1715 करोड़ रुपये की हानि कारित की है जोकि राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है।