कई पेट्रोल पंपों पर डला ताला, पेट्रोल-डीजल की जबरदस्त कमी
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पेट्रोल डीजल की किल्लत बहुत बढ़ गई है। पेट्रोल पंपों पर ईधन का संकट इतना बढ़ चुका है कि एडवांस भुगतान पर भी पेट्रोल-डीजल नहीं मिल रहा। एक टैंकर पेट्रोल डीजल के लिए 4 दिन तक की वेटिंग चल रही है। पेट्रोल पंपों को पहले डिपो से उधार में भी पेट्रोल-डीजल मिल जाता था पर अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। निजी कंपनियों के तो और बुरे हाल हैं। अधिकांश निजी कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर तो ताला डल चुका है। पेट्रोल डीजल की बढ़ती किल्लत को देखते हुए अब रात 10 बजे हर हाल में पेट्रोल पंप बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में अधिकांश पंपों को डिपो से डिमांड के अनुसार पेट्रोल-डीजल नहीं मिल रहा है। मुरैना जिले में कुल 105 पेट्रोल पंप हैं। इन पंपों में भारत पेट्रोलियम यानि बीपी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड—एचपीसीएल और इंडियन आयल कार्पोरेशन यानि आईओसी के पंप शामिल हैं। संचालक बताते हैं कि एक माह पहले तक डिपो पर महज एक फोन काल करने पर ही पेट्रोल का टैंकर तुरंत आ जाता था। अब 12000 लीटर के एक टैंकर का एडवांस में भुगतान करने के लिए तैयार हैं इसके बाद भी पेट्रोल डीजल 4 दिन बाद मिल पा रहा है।
नेशनल हाईवे स्थित एक पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि सरकारी कंपनियों के अफसर लगातार यह कह रहे हैं कि पंपों पर पेट्रोल डीजल की बिक्री 15 फीसदी तक कम करें। तेल कंपनियों या क्षेत्रीय अफसरों ने ऐसा कोई लिखित आदेश तो नहीं निकाला है लेकिन मौखिक रूप से ऐसा कई दिनों से लगातार कहा जा रहा है। इतना ही नहीं, पेट्रोल डीजल की कमी के कारण पेट्रोल पंपों को रात 10 बजे के बाद तत्काल बंद करने के आदेश दे दिए हैं।
गौरतलब है कि पेट्रोल पंपों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अत्यावश्यक सेवा से जोड़ा गया है। ऐसे में किसी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल खत्म होने पर पंप मालिक पर मोटा जुर्माना लगाने का प्रावधान है। कंपनियों द्वारा ऐसा किया भी जाता था लेकिन अब यह नियम शिथिल पड़ गया है। दर्जनों पेट्रोल पंपों का स्टाक ड्राई हो चुका है, स्टाक खत्म होने के बोर्ड लग चुके हैं पर कोई एक्शन नहीं हो रहा। निजी कंपनियों के पेट्रोल पंपों की तो हालत और भी खराब है। रिलायंस और नायरा जैसी निजी कंपनियों के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ताले डले हैं।