भोपाल: अखिल भारतीय सेवाओं में तबादलों के खिलाफ केवियट लेने के मामले में अब तक भारतीय प्रशासनिक सेवा या भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों का नाम आया करता था|
लेकिन मप्र में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 1993 बैच के अधिकारी शशि मलिक ने 14 फरवरी को हुए अपने ट्रांसफर आदेश के खिलाफ कैट (सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल) से स्टे लेकर मप्र के वन कॉडर में खलबली मचा दी है। वरिष्ठ अफसर मलिक के इस कदम पर विचार कर रहे हैं।
खास बात यह है कि मलिक ने तबादला आदेश के 48 घंटे में यह स्टे हासिल कर लिया है। हालांकि राज्य वन सेवा में तो ऐसे कई मामले पहले भी आये हैं। पदस्थ अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एपीसीसीएफ) मलिक का कहना है कि 22 फरवरी 2022 को उनका मौजूदा पद पर एक साल होता, इससे पहले ही उनका तबादला कर दिया।
आमतौर पर फॉरेस्ट में पदस्थापना के 6-8 महीने तो काम समझने में लगते हैं। यदि पहले ही तबादला हो जाएगा तो व्यक्ति काम कैसे करेगा। मलिक के पहले भी कई तबादले हुए हैं वे कहते हैं कि मैं जब डीएफओ था, तब मेरे बच्चे किसी भी स्कूल में एक सेशन पूरा नहीं कर पाए।
इधर यह मामले सामने आने के बाद उच्च स्तर पर खलबली है। वनबल प्रमुख आरके गुप्ता ने कहा कि मलिक को शासन का फैसला मानना चाहिए था। अब उन्होंने कैट से स्टे ले लिया है तो शासन आगे की प्रक्रिया अपनाएगा।
भाप्रसे के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना..
भोपाल। राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापनाएँ की है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में सुरभि गुप्ता, आयुक्त हस्तशिल्प हथकरघा और रेशम को अपर सचिव चिकित्सा शिक्षा पदस्थ किया है।
विशेष गढ़पाले प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम तथा संचालक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ आयुक्त रेशम का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा है।
अनुभा श्रीवास्तव प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ आयुक्त हस्तशिल्प एवं हथकरघा का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।
एक अन्य आदेश में शेरसिंह मीना अपर कलेक्टर जबलपुर को अपने कर्तव्यों के साथ आयुक्त नगर पालिका निगम जबलपुर का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।