भोपाल: सागौन से भरी पिकअप वैन को छोड़ने को लेकर सौदेबाजी का ऑडियो वायरल होने के 5 दिन बाद वन संरक्षक भोपाल आलोक पाठक ने दो वन कर्मियों मंसाराम और मनोहर राय को उड़नदस्ता दल से हटा दिया है. इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है.

सीहोर वन मंडल के इछावर रेंज से सागौन की अवैध कटाई कर उसे भोपाल के गोविंदपुरा स्थित आरा मशीन पर बेचने के लिए आ रही पिकअप वैन को उड़न दस्ते मैं शामिल मंसाराम ने पकड़ा. उड़नदस्ता के रेंजर अनिल शर्मा को इसकी भनक लगने से पहले वनरक्षक मंशाराम मतीन के जरिए सौदेबाजी का प्रयास किया. सौदेबाजी की बातचीत का पूरा ऑडियो वायरल हो जाने के बाद उड़नदस्ता टीम के सदस्य मंशाराम ने पिकअप वैन और सागौन की लकड़ी की जब्त की कार्यवाही की.

वायरल ऑडियो को वन संरक्षक भोपाल ने गंभीरता से लिया. अवकाश से लौटते ही तत्काल वनरक्षक मंशाराम टेकवार और इस पूरे एपिसोड में संदेहास्पद भूमिका अदा करने वाले वनरक्षक मनोहर राय को  उड़नदस्ता टीम से हटाकर नजीराबाद रेंज में पदस्थ कर दिया. इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है जिसका जवाब 15 दिन के भीतर देने की मोहलत दी गई है.

राय के कृत्य से विभाग की छवि हुई खराब-

मुख्यालय में बैठे शीर्ष अधिकारी के चहेते स्थाई कर्मी मनोहर राय को नोटिस देते हुए कहा है कि राय के कृत्य  से विभाग की छवि धूमिल हुई है. स्थाई कर्मी मनोहर राय ने बिना अनुमति से दानिश नगर में पेड़ों की अवैध कटाई और परिवहन कर उसे आरा मशीन तक पहुंचाने में दोषी पाया गया है. इसके अलावा नोटिस के अनुसार  रेंजर अनिल शर्मा ने राय पर यह भी आरोप लगा है कि अशफाक के सहयोग से ऑडियो बनवा कर उसे वायरल कराया है.