भोपाल: राज्य शासन ने जल संसाधन विभाग के दो अधिकारियों को विभागीय जांच में दोषमुक्त कर दिया है। तत्कालीन कार्यपालन यंत्री वि/या भारी संयंत्र संभाग ग्वालियर पीके पाठक के खिलाफ पार्वती एक्वाडक्ट के आयलिंग ग्रीसिंग के टेण्डर में अपने निजी लाभ के लिये चहेती फर्मों को लाभ देने के लिये टेण्डर में नियम विरुध्द गैर जरुरी अनावश्यक शर्तें डालने की अनियमितता पर 5 जुलाई 2022 जांच बैठाई गई थी। 

जांच में पाया गया कि टेण्डर की शर्तों में में बदलाव में उक्त कार्यपालन यंत्री की मंशा शासन को हानि पहुंचाने की नहीं थी। इसलिये उन्हें बिना कोई दण्ड दिये विभागीय जांच समाप्त कर दी गई है। इसी प्रकार तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पन्ना अशोक कुमार जैन के खिलाफ बुन्देलखण्ड पकेज के तहत बने सिरस्वाहा बांध के क्षतिग्रस्त होने पर 23 दिसम्बर 2019 को विभागीय जांच बैठाई गई थी। 

जांच में पाया गया कि उन्हें कार्यों में हुई लापरवाही व पर्यवेक्षण में कमी के लिये भविष्य में सचेत रहने का लेख किया गया है। यह कार्यपालन यंत्री 30 नवम्बर 2021 को सेवानिवृत्त भी हो गया। इसलिये अब उसकी विभागीय जांच बिना कोई दण्ड दिये समाप्त कर दी गई है।