महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे फेसबुक लाइव के जरिए जनता को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हमने बहादुरी से कोरोना संकट का सामना किया। कई लोग शिवसेना पर सवाल उठा रहे हैं। सच है, इसे दरकिनार नहीं किया जा सकता है लेकिन इसपर बात हो सकती है।
कुछ लोग कह रहे हैं कि यह बाला साहब की शिवसेना नहीं है। उनसे कहना चाहता हूं कि बाला साहब के क्या विचार थे? ये वही शिवसेना है, जो उनके जमाने में थी। आरोप है कि अब शिवसेना ने हिंदुत्व छोड़ दिया। हालांकि, मैं यह कहना चाहूंगा कि शिवसेना और हिंदुत्व एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हिंदुत्व को शिवसेना से अलग नहीं किया जा सकता है।
आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे एक साथ अयोध्या गए थे। हमने हिंदुत्व के लिए जो किया है, उसके बारे में बात करने का यह सही समय नहीं है।
मैं बागी विधायकों से कहना चाहूँगा कि अगर कोई दिक्कत है तो मैं सीएम पद से इस्तीफ़ा दे दूंगा, लेकिन विधायक मेरे सामने आकर ये बात कहें। शिवसेना को जनता का समर्थन है, इसीलिए मेरे बाद कोई सीएम बनेगा तो वह भी सिर्फ़ शिवसेना से ही बनेगा।
हमने कोरोना काल में बिना किसी अनुभव के महामारी से लड़ाई लड़ी और ईमानदारी से काम किया। कई विधायकों से हमने संपर्क किया और वह कह रहे हैं कि हम वापस आएंगे।
ठाकरे बोले, मुझे मुख्यमंत्री पद का कोई शौक नहीं है। मैं बालासाहेब का पुत्र हूं। विधायक मुझसे मिल सकते हैं। सूरत जाने की क्या जरूरत थी। अगर वे नहीं चाहते तो मैं इस्तीफा दे सकता हूं। अगर उन्हें मेरा काम पसंद नहीं आता है, तो वे मुझे सामने आकर बता कर सकते हैं। मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं। शिवसैनिक विश्वासघात नहीं करते। अगर एक भी शिवसैनिक मुझसे कहेगा कि आप सीएम पद छोड़ दो, तो मै उसके लिए भी तैयार हूं।
देखिये लाइव-
मुख्यमंत्री उद्धव बाळासाहेब ठाकरे यांचा जनतेशी संवाद - LIVEमुख्यमंत्री उद्धव बाळासाहेब ठाकरे यांचा जनतेशी संवाद - LIVE
Posted by Uddhav Thackeray on Wednesday, June 22, 2022
यह भी पढ़े: