धार्मिक नगरी उज्जैन में 'श्री महाकाल लोक' का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज करेंगे। इस दिव्य और अलौकिक अवसर पर उज्जैन आने से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा महाकाल लोक के एक वीडियो को ट्वीट कर यह बात कही जिसमें महाकाल लोक का अद्भुत दृश्य दिखाई दे रहा है। 

पीएम मोदी ने लिखा कि आस्था-अध्यात्म की पावन नगरी उज्जैन एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। आज शाम यहां भव्य और दिव्य 'श्री महाकाल लोक' को राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। हर-हर महादेव!

तय कार्यक्रम के मुताबिक़ महाकाल लोक का लोकार्पण कार्यक्रम महाकाल की विशेष पूजा अर्चना के साथ शुरू होगा। पीएम मोदी शाम 5:30 बजे उज्जैन पहुंचेंगे। वो सबसे पहले गर्भ गृह में बाबा महाकाल की पूजा अर्चना करेंगे। उसके बाद शाम 6:30 बजे महाकाल प्रोजेक्ट के नंदी द्वार पर लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 7:00 बजे कार्तिक मेला ग्राउंड में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

इस दिव्य और अलौकिक अवसर के साक्षी सिर्फ देशवासी ही नहीं बल्कि विदेशों में मौजूद महाकाल के भक्त भी बनेंगे। करीब 50 देशों में 'श्री महाकाल लोक' के लोकार्पण को लाइव देखा जा सकेगा। इस मौके पर मध्यप्रदेश के गाँव-गाँव और शहर-शहर देवालयों में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होकर शिव भजन, पूजन, कीर्तन, अभिषेक, आरती करेंगे। शंख-ध्वनि होगी, घंटे-घड़ियाल बजाए जाएंगे। मंदिरों, नदियों के तट तथा घर-घर दीपक जलाए जाएंगे। धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा भोजन-भंडारे होंगे।

कार्तिक मेला ग्राउंड उज्जैन में प्रधानमंत्री मोदी के सभा-स्थल पर शिवमय थीम पर केन्द्रित साज-सज्जा की गई है। साथ ही विशेष ध्वनि, प्रकाश एवं सुगंध के माध्यम से मंदिर के पवित्र वातावरण का निर्माण किया जाएगा। संतों के लिए अलग से मंच की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर प्रख्यात गायक कैलाश खेर द्वारा महाकाल का स्तुति गान होगा।

उज्जैन एवं इंदौर संभाग की प्रत्येक ग्राम-पंचायत से श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुँचेंगे। धार्मिक अनुष्ठान संपादित करने वाले तड़वी, पटेल, पुजारी और विभिन्न समुदायों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित होंगे। सभा स्थल पर 60 हजार से अधिक नागरिकों की उपस्थिति की संभावना है। उज्जैन में शिप्रा नदी के सभी घाटों पर लगभग एक लाख श्रद्धालु एलईडी स्क्रीन पर कार्यक्रम देखेंगे।