नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग में रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव के पास पहुंच गई है। रूस की ओर से लगातार बमबारी हो रही है। इस बीच यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों ने बंकरों में शरण ली है। कुछ इमारतों के बेसमेंट में भी रुके हुए हैं। उन्हें खाने की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। एयर इंडिया ने शुक्रवार रात एक ट्वीट किया था। एयर इंडिया ने कहा था कि बी787 शनिवार को मुंबई और दिल्ली से बुखारेस्ट और बुडापेस्ट के लिए उड़ान भरेगा। इसके मुताबिक भारतीयों की रिहाई के लिए पहली फ्लाइट उठान भर चुकी है।

यूक्रेन से निकलते वक्त छात्र हाथों में तिरंगा लिए हुए थे। उसी समय, जिस बस में वह सवार हुए, उस पर एक तख्ती थी जिसमें लिखा था कि बस में भारतीय छात्र है। एयर इंडिया का एआई-1943 आज सुबह 3 बजे मुंबई से उड़ान भर चूका है। जानकारी में कहा गया था कि एआई-1943 शाम 4 बजे दिल्ली से रवाना होगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

तदनुसार, एयर इंडिया एआई-1943 विमान ने रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के लिए मुंबई हवाई अड्डे से उड़ान भरी है। उड़ान संख्या AI-1943 ने मुंबई हवाई अड्डे से सुबह 3.40 बजे उड़ान भरी और भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे बुखारेस्ट हवाई अड्डे पर पहुंचने की उम्मीद है। वहां से विमान शाम चार बजे तक मुंबई पहुंच जाएगा। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कहा कि भारत सरकार के अधिकारी सड़क मार्ग से यूक्रेन-रोमानिया सीमा पर पहुंचने वाले किसी भी भारतीय नागरिक को बुखारेस्ट ले जाएंगे ताकि उन्हें एयर इंडिया की उड़ान से घर लाया जा सके।

पहले चरण में सिर्फ छात्रों को लाया जाएगा :

बचाव अभियान के पहले चरण में, विदेश मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी छात्रों को हंगरी और रोमानिया ले जाएंगे, जिसकी सीमा यूक्रेन है। इसके बाद छात्रों को वहां से घर भेज दिया जाएगा। यूक्रेन में बम विस्फोटों से कई सड़कें और पुल नष्ट हो गए हैं। हवाई अड्डों पर उड़ानें भी बंद हैं। रूस से हमले अभी भी जारी हैं। यूक्रेन की सरकार ने भारतीय छात्रों से धैर्य रखने की अपील की है। छात्र अपने दूतावास के संपर्क में रहें और खुद को सुरक्षित रखें। यूक्रेन की सरकार ने कहा है कि भारतीय छात्रों को दूतावास के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वदेश लौट जाना चाहिए।

यूक्रेन में फंसे 20,000 भारतीय :

यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए शनिवार को बुखारेस्ट और हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से उड़ानें शुरू हो गई। यूक्रेन के अधिकारियों ने गुरुवार से सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया था। भारत कि तरफ से अब भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए 4 विमान भेजे जाएंगे। विमान बुखारेस्ट और बुडापेस्ट से भारतीयों को लेकर लौटेंगे। यूक्रेन में फिलहाल 20,000 भारतीय फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने कहा कि उनमें से ज्यादातर छात्र हैं।

फंसे हुए छात्र और उनके परिवार भारत सरकार और विदेश मंत्रालय पर किसी न किसी तरह से अपने बच्चों को बचाने का दबाव बना रहे हैं। और साथ ही अब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन से छात्रों को निकालने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। ये सभी पहले रोमानिया और फिर वहां से भारत आएंगे। इन छात्रों का पहला बैच रोमानिया से भारत भेजा गया है। रोमानिया से निकलने से पहले छात्रों ने अपने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। उन्होंने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।