यूक्रेन पर रूस के हमले से स्थिति और भी विकट हो गई है। रूस और यूक्रेन ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। इस समय भारतीय नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए हैं और भारत लगातार उन्हें लेकर चिंतित है। अब इस मुद्दे पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया आई है।
Visuals of Indian students in bunkers are disturbing. Many are stuck in eastern Ukraine which is under heavy attack.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 26, 2022
My thoughts are with their worried family members. Again, I appeal to GOI to execute urgent evacuation. pic.twitter.com/alem9nYNgr
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार से यूक्रेन में फसे भारतीय छात्रों को जल्द से जल्द भारत लाने की अपील की है। राहुल गांधी ने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि बंकर में भारतीय छात्रों के दृश्य उन्हें विचलित करते हैं। कई छात्र पूर्वी यूक्रेन में फंसे हुए हैं, जहां घातक हमले हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा कि, मैं छात्रों के परिवार के सदस्यों के साथ खड़ा हूं। मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि छात्रों को तत्काल वहां से निकालने की व्यवस्था की जाए।
आपको बता दें कि यूक्रेन से भारतीयों की वापसी शुरू हो गई है। एयर इंडिया का एक विमान शनिवार सुबह मुंबई से रोमानिया के बुखारेस्ट के लिए रवाना हुआ। जिसमें 470 छात्रों को भारत वापस लाया जाएगा। इसके बाद 1 फ्लाइट हंगरी से दिल्ली आएगी। वहीं, एयर इंडिया 2 की फ्लाइट को रोमानिया से दिल्ली पहुंचना है। इससे पहले शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को पोलैंड और हंगरी के रास्ते स्वदेश लाया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय हुआ सक्रिय :
पश्चिमी यूक्रेन के ल्विव और चेर्नित्सि में विदेश मंत्रालय के शिविर सक्रिय कर दिए गए हैं। इससे पहले भी कई भारतीय छात्रों की घर वापसी की तस्वीर आई थी। इस पूरे बचाव अभियान में एयर इंडिया सक्रिय भूमिका निभा रही है। इस मुश्किल हालात के बीच हजारों भारतीय स्वदेश लौटने वाले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक यूक्रेन में करीब 20 हजार भारतीय फंसे हुए हैं। जिसमें बड़ी संख्या में वह छात्र है जो वहां पढ़ने गए थे। इसी बीच कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें मेडिकल के छात्र बंकरों में छिपने को मजबूर हैं। इसी वजह से अब भारत सरकार की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुतिन से फोन पर बातचीत के दौरान यह मुद्दा उठाया था ओर इसपर अपनी चिंता व्यक्त की थी।