नई दिल्ली: रूस के हमले के बाद यूक्रेन में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में फंसे प्रत्येक भारतीय नागरिक को जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए भारत की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में एक विमान यूक्रेन से भारतीयों को लेकर दिल्ली में उतरा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एयरपोर्ट पर भारतीयों का स्वागत किया। इस विमान से 220 भारतीय छात्र स्वदेश लौटे।

यूक्रेन में फंसे 220 भारतीय छात्रों को इस्तांबुल के रास्ते स्वदेश लाया गया है। जितेंद्र सिंह ने कहा, मैंने विमान से उतरे एक छात्र से पूछा 'आप किस राज्य से हैं ? जिस पर उन्होंने जवाब दिया, 'मैं भारतीय हूं'। छात्रों को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि हम घर आ गए हैं। जितेंद्र सिंह ने कहा कि हम जल्द से जल्द छात्रों के परिवारों से संपर्क करने की कोशिश करेंगे। जितेंद्र सिंह ने छात्रों का गुलाब के फूल से स्वागत किया। इसी दौरान 'भारत माता की जय' के नारे भी लगें।

स्मृति ईरानी ने छात्रों का किया स्वागत: 

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने यूक्रेन से भारत आए छात्रों का स्वागत किया। स्मृति ईरानी ने कहा, "विमान के चालक दल के सदस्यों को धन्यवाद जो इस संकट के समय में लगातार काम कर रहें हैं। स्वागत करते हुए स्मृति ईरानी ने गुजराती और केरल के मल्लल भाषा में छात्रों का स्वागत किया। इसके अलावा स्मृति ईरानी ने मराठी में भी बात की। स्मृति ईरानी ने कहा, महाराष्ट्र से कौन है ? देश में आपका स्वागत है।

विदेश मंत्री ने दी यह जानकारी: 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज यह जानकारी दी। जयशंकर ने आज सुबह ट्वीट करते हुए कहा कि पिछले 24 घंटों में पोलैंड से पहली उड़ान समेत छह उड़ानें भारत के लिए रवाना हुई हैं। जयशंकर ने कहा कि अन्य 1377 भारतीयों को यूक्रेन से वापस लाया गया है। यूक्रेन से नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा के तहत भारत अगले तीन दिनों में 26 से अधिक उड़ानें संचालित कर रहा है। यूक्रेन के लिए हवाई मार्ग बंद होने के कारण रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाक गणराज्य के हवाई अड्डों का इस्तेमाल भारतीयों को निकालने के लिए किया जा रहा है। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, यूक्रेन की राजधानी कीव में कोई भारतीय नहीं बचा है।

'ऑपरेशन गंगा' के लिए तैयार वायुसेना का विमान :

वायुसेना भी यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने की तैयारी कर रही है। वायु सेना का सी-17 ग्लोबमास्टर पोलैंड, हंगरी और रोमानिया के लिए उड़ान भरेगा। इनमें से एक विमान सुबह चार बजे रोमानिया के लिए रवाना हुआ। भारतीय छात्रों को वापस लाने के अलावा, भारत मानवीय सहायता भी प्रदान कर रहा हैं।