पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा है कि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा लिया गया नीतिगत निर्णय सराहनीय है। आइए ऐसा निर्णय मध्य प्रदेश में भी लें। यह बयान उमा भारती ने ट्वीट किया।

 

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने लाउडस्पीकर पर नई गाइडलाइन जारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सभी लोगों को अपनी धार्मिक विचारधारा के अनुसार अपनी धार्मिक प्रथाओं का पालन करने की स्वतंत्रता है। इसके लिए माइक और साउंड सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि साउंड सिस्टम की आवाज धार्मिक परिसर से बाहर न जाए।

 

1. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ जी की सरकार के द्वारा ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लिया गया नीतिगत निर्णय अभिनंदनीय है।

2. ज्यादा शोर एवं आवाजों से शहर एवं गांव के लोगों को स्नायु तंत्र की बीमारियां बढ़ रही हैं उन्हें रात में सुख से सोना बहुत जरूरी है।

3. इसलिए रात में 10 बजे से सुबह 7 बजे तक माईक की आवाज पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए।

4. सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज की अनुमति इसी शर्त पर मिलनी चाहिए कि वह आवाज इतने ही लोग सुनेंगे जो वहां बैठे हुए हैं, इसमें धर्म का भेदभाव ना हो।

5. अस्पताल और स्कूल इन आवाजों से डिस्टर्ब हो रहे हैं। घरों में रहने वाले विद्यार्थी एवं अस्वस्थ या वृद्ध लोगों की शोर एवं आवाजों से उनकी तकलीफ बढ़ रही हैं।

6. बारातों के डीजे या किसी भी जुलूस के शोर का एक समय तय हो एवं आवाज की सीमित सीमा तय हो तभी हम स्वस्थ समाज की रचना में योगदान दे पाएंगे।

7. हम भी मध्यप्रदेश में इस प्रकार का निर्णय लें।