शिक्षकों के 51 हजार खाली पद भरे जाएं

MP News: मध्यप्रदेश में बेरोजगारी मुख्य मुद्दा बन गया है। राजधानी भोपाल में इसी बेरोजगारी से परेशान होकर सैकड़ों अभ्यर्थी बुधवार सुबह से डटे हुए हैं। इनकी जिद है कि ये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन देंगे। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय जाकर अधिकारियों के सामने अपनी मांगों को दोहराएंगे। ये शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी संघ के बैनरतले जुटे है। 

संघ के प्रमुख श्यामलाल रविदास का कहना है कि वर्ष 2018 में शिक्षक पात्रता परीक्षा पास की है लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं दी है, वहीं हजारों पद खाली है। नतीजा सामने है, हाल ही में आए पांचवीं, आठवीं कक्षा के परिणाम में ज्यादातर जिले बुरी तरह पिछड़ गए हैं। इनमें राजधानी का भोपाल जैसा जिला भी है, जिसकी पांचवीं में 35वीं और आठवीं में 35वीं रैंक आई है।

ये मांगें कर रहे अभ्यर्थी-

  • पदवृद्धि के साथ स्थाई शिक्षक भर्ती 2018 को पूरा किया जाए।
  • माध्यमिक शिक्षक भर्ती के उपेक्षित विषयों जैसे हिंदी, उर्दू विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं संस्कृत आदि के पदों में वृद्धि की जाए। 
  • उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के हिंदी, उर्दू, संस्कृत इतिहास, भूगोल, कृषि, समाजशास्त्र बायोलॉजी एवं कॉमर्स आदि के पदों में वृद्धि की जाए।
  • माध्यमिक शिक्षक भर्ती के अंतर्गत सभी वर्गों के कुल शेष रहे 2. 237 पदों पर चयन सूची जारी की जाए। 
  • उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के अंतर्गत सभी वर्गों के कुल शेष 6 हजार 530 पदों पर चयन सूची जारी की करें।
  • प्राथमिक शिक्षक भर्ती के तहत 51000 पदों पर भर्ती की जाए।