पूर्व केंद्रीय मंत्री और राहुल गांधी के करीबी आरपीएन सिंह बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने आज कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। आरपीएन सिंह केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, धर्मेंद्र प्रधान और अन्य नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, आरपीएन सिंह भाजपा के टिकट पर पडरौना सीट से स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं।

आरपीएन सिंह ने कांग्रेस पर बोला हमला ?

भाजपा में शामिल होने के बाद आरपीएन सिंह ने कहा कि प्राचीन संस्कृति को 21वीं सदी से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में कुछ ही वर्षों में हमारे प्रधानमंत्री द्वारा किए गए कार्यों की पूरे देश में सराहना हो रही है। मैं 32 साल से पार्टी में था लेकिन अब वह पार्टी पहले जैसी नहीं रही। आज से मैं एक छोटे से कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्र निर्माण के लिए काम करूंगा।

राष्ट्र निर्माण के लिए काम करेंगे आरपीएन सिंह :

आरपीएन सिंह ने कहा कि पिछले 5 साल में यूपी में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। पार्टी द्वारा राष्ट्र निर्माण या उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए जो भी काम दिया जाएगा, मैं करूंगा। मुझे बहुत पहले भाजपा में शामिल होने के लिए कहा गया था। 

कांग्रेस का आरोप :

कांग्रेस नेता और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरपीएन सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, ''कोई व्यक्ति जिसने एक पार्टी के लिए लंबे समय तक काम किया, वह पूरी तरह से विपरीत विचारधारा वाली पार्टी में कैसे जा सकता है ? अपने इस बयान में सुप्रिया ने आरपीएन सिंह पर कायर होने का भी आरोप लगाया। सुप्रिया ने कहा, ऐसा काम सिर्फ कायर लोग ही कर सकते है। 

बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक :

गौरतलब है कि यूपी के कुशीनगर और आसपास के इलाकों में आरपीएन सिंह का अच्छा प्रभाव है। आरपीएन सिंह का बीजेपी में शामिल होना एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक पडरौना सीट से आरपीएन सिंह स्वामी प्रसाद मौर्य को चुनौती दे सकते हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य हाल ही में भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं।