कद सिर्फ सवा सात फीट ! यानि ग्रेट खली से भी ज्यादा। खुराक डेढ़ दर्जन से ज्यादा रोटियां और ढाई किलो दूध..! उम्र उन्नीस बरस । यह है उप्र के हमीरपुर जिले के गांव में रहने वाले एक मजदूर का बेटा । जो अपने कद काठी को लेकर सुर्खियों में है। कद और काठी के कारण इसे भूखा ही रहना पड़ता है। अब स्नातक की पढ़ाई करने के बाद भारतीय सेना में नौकरी करने का मन बनाया है।
बताया जा रहा है कि हमीरपुर के बीहड़ में बसे इचौली नायकपुरवा गांव में सीरज की धूम इस वक्त खली के हमशक्ल के रूप में हैं। उसके पिता सिपाही लाल पाल गांव में मजदूरी करते हैं। घर की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है। हालांकि, कुछ बीघा जमीन इनके नाम है। सिपाही लाल ने बताया कि पुत्र सीरज ने वर्ष 2019 में हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। इसके बाद इसने इंटरमीडिएट की पढ़ाई की।
इस साल स्नातक कर रहा है। वह अपनी खूबियों के चलते अब सेना में नौकरी करने का इरादा रखता है। सीरज की लम्बाई 7.2 फीट है। वहीं, इसका वजन 115 किलोग्राम है। फुलाने पर इसका सीना 110 सेमी और कमर 40 इंच तक है। सीरज ने बताया कि बिना किसी के सहारे अकेले ही 90 किलोग्राम तक वजन उठा लेता है। घर के छोटे कमरे के अंदर भी खड़े होने में बड़ी दिक्कतें उसे उठानी पड़ती है।
दिन भर भूखा रहता है सीरज
मां श्यामा देवी का कहना है कि सीरज कुछ साल पहले दस किमी तक रोजाना दौड़ लगाता था, इसीलिए इसकी लम्बाई बढ़ गई है। इस समय 18 रोटी, आधा किलो गुड़, चावल, सब्जी अकेले खा लेता है। ऊपर से ढाई लीटर दूध भी पीता है। किसी ने पूछा तो वह एक किलो मिठाई भी खा लेता है। इसके बाद भी उसका पेट नहीं भरता है। बताया जाता कि शुरू में ये सिर्फ छह रोटी ही खाता था, लेकिन कद और लंबाई बढ़ने के साथ इसकी खुराक भी बढ़ गई है। उसके नाम के कपड़े और जूते चप्पल भी आसानी से नहीं मिलते हैं।