पेपर लीक का जिन्न बोतल से बाहर आकर अब सभी के लिए मुसीबत बन गया है। हैरानी की बात ये है, कि UPPSC पेपर लीक मामले में पानी की बोतल से ही गेम प्लान को पूरा किया गया। कब और कैसे चलिए हम बताते हैं।

UPPSC की समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी आरओ-एआरओ पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस गिरोह के सरगना राजीव नयन मिश्र समेत 18 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कई आरोपी अभी तक फरार चल रहे हैं। मामले के तार बिहार, मध्यप्रदेश व हरियाणा से जुड़ते नजर आ रहे हैं।

UPPS पेपर लीक मामले में अहम भूमिका निभाने वाला आरोपी और भोपाल की प्रिंटिंग प्रेस से गिरफ्तार कर्मचारी सुनील रघुवंशी पहले से ही विशाल और राजीव के संपर्क में था। सुनील रघुवंशी ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पेपर लीक मामले में अहम भूमिका निभाई। प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक करने के एवज में उसे 10 लाख रुपये मिले। 

भोपाल में सिक्योरिटी प्रेस में पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर सुनील मशीनों का रखरखाव करता था। तीन फरवरी को मशीन खराब होने पर उसे पेपर चोरी करने का मौका मिल गया। सुनील ने एसटीएफ को बताया कि मरम्मत के लिए मशीन के पार्ट्स बाहर निकालने थे और इसी बीच वह मशीन के पार्ट्स में पानी की बोतल में पेपर की कॉपी छिपाकर ले गया।

यूपी की एसटीएफ टीम ने मामले को सुलझाते हुए अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें से 4 इंजीनियरिंग के छात्र हैं। भोपाल के सुनील और विशाल ने भी तीन साल तक साथ में इंजीनियरिंग की है। इसका फायदा उठाकर विशाल दुबे ने सुनील से संपर्क किया और पैसे का लालच देकर पेपर लीक करा दिया।

प्रयागराज के रहने वाले राजीव मिश्रा का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था और वही पूरे मामले का मास्टरमाइंड था। सुनील से पहले ही यूपी परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्रों की जानकारी मांगी गई थी। इसी बीच जब प्रश्नपत्रों के एक सेट की छपाई की जानकारी मिली तो पैटर्न से उन्हें समझ आ गया कि ये पीएससी के पेपर हैं।

सुनील रघुवंशी अपने कॉलेज के दोस्त विशाल दुबे के संपर्क में था। पेपर के बदले 10 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। सुनील ने अभ्यर्थियों से शर्त रखी कि पेपर भोपाल में उनके सामने पढ़ा जाए, ताकि पेपर वायरल न हो। तीन फरवरी को प्रिंटिंग प्रेस में मशीन ठीक करते समय वह कागज छिपाकर घर ले गया।

सुनील के अलावा विशाल दुबे, विवेक उपाध्याय और संदीप पांडे को यूपी में, अमरजीत शर्मा और सुभाष प्रकाश को बिहार में गिरफ्तार किया गया।