भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में से एक मुकेश अंबानी के चिड़ियाघर में टाइगर-शेर भेजकर उसके बदले छिपकली-चिड़िया लेने के आरोप सदन में जब लगे तो भाजपा सरकार के मंत्री-विधायकों ने आरोप लगाने वाले कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी की घेराबंदी कर दी.

इसके बाद सदन में तू-तड़ाके की भाषा तक इस्तेमाल की गई और फिर जीतू पटवारी को बजट सत्र की आगामी कार्यवाही से निलंबित करने का फैसला आसंदी सुनाया गया. कुछ देर के लिए पूरी सरकार स्तब्ध रह गई. आनन-फानन में फॉरेस्ट के आला अफसरों सदन में तलब कर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने उनकी क्लास ले ली.

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान गुरुवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के वक्तव्य पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच जमकर बहस हुई. पूरी बहस में तू-तू, मैं-मैं जैसे शब्दों का इस्तेमाल तक किया गया.

शुरुआत पहली बार पटवारी ने ग्वालियर-चंबल संभाग में हथियार लायसेंस पर बयान दिया तो मंत्री अरविंद भदौरिया व विश्वास सारंग ने उनके बयान को ग्वालियर-चंबल संभाग के युवाओं का अपमान बताकर माफी मांगने की बात कही.

पटवारी ने माफी मांग ली, फिर हंगामा तब हुआ जब मुकेश अंबानी के जामनगर के जू में मध्य प्रदेश से टाइगर-शेर दिए जाने और वहां से उसके बदले छिपकली, तोते-चिड़िया आने के आरोप लगाए गए. इसके बाद तो सदन चल ही नहीं सका और पटवारी पर संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आरोपों के साक्ष्य देने के लिए दबाव बनाया. आसंदी से जीतू पटवारी से तमाम आरोपों के साक्ष्य में हस्ताक्षरित दस्तावेज लेने की मांग रखी और जब तक साक्ष्य पटल पर रख नहीं दिए गए हंगामा चलता रहा.

सत्र के शेष अवधि के लिए जीतू निलंबित-

हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जीतू पटवारी के आरोपों को असत्य और भ्रामक बताते हुए उनके सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबन की कार्यवाही का प्रस्ताव रखा, जिस पर आसंदी ने स्वीकार कर लिया. आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने पटवारी को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का फैसला सुना दिया. 

सदन में डॉ. सिंह ने की बैठक-

निलंबन की कार्यवाही के बाद सदन के बाहर बयानबाजी: जीतू पटवारी के निलंबन की कार्यवाही के बाद सदन के बाहर कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के विधानसभा कक्ष में वरिष्ठ विधायक सज्जन सिंह वर्मा और अन्य विधायकों के साथ विचार-विमर्श किया. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर नेता प्रतिपक्ष व विधायकगणों की बैठक हुई.

सदन के बाहर संसदीय कार्य मंत्री का बयान-

वहीं, सदन के बाहर संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश से अंबानी को टाइगर बेचे जाने के आरोप लगाए हैं जबकि जानवरों को बेचा नहीं जा सकता. जानवरों की अदला-बदली हो सकती है. उन्होंने पटवारी के आरोपों को पूरी तरह असत्य बताया और कहा कि वे इसके पूर्व भी भाजपा कार्यालय में जनसंपर्क विभाग द्वारा खाना खिलाने के बिलों की भुगतान करने, सिंहस्थ में खरीदी को लेकर ऐसे ही असत्य आरोप लगाए थे. उनका निलंबन का प्रस्ताव उन्होंने रखा था और वे बजट सत्र की शेष बैठकों के लिए निलंबित कर दिए गए हैं.