India-China Border Dispute: चीन ने 28 अगस्त को अपने स्टैंडर्ड मैप 2023 का संस्करण जारी किया है. जिसमें भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को अपना क्षेत्र बताया है. इसके साथ ही ताइवान और दक्षिणी चीन सागर पर भी कई दावे समेत अन्य क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अब इसी मुद्दे पर भारत में भी विवाद की स्थिति बनी हुई है.

चीन का दावा बेतुका है- मनीष तिवारी

इस मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान के बाद अब कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. न्यूज़ एजेंसी ANI से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, चीन का दावा बेतुका है और इसकी निरर्थकता चीन-भारत सीमा विवाद के इतिहास से प्रमाणित होती है. आज असल मुद्दा ये है कि चीन ने थियेटर स्तर पर कई प्वाइंट पर एलएसी का उल्लंघन किया है.

चीन के राष्ट्रपति अगले महीने सितंबर में होने वाली G20 की बैठक के लिए दिल्ली आने वाले हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनीष तिवारी ने कहा, ऐसे में सरकार को गंभीरता से आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि दिल्ली में ऐसे व्यक्ति शी जिनपिंग को बुलाना क्या भारत के स्वाभिमान के अनुरूप होगा. जिसने एलएसी से लगी 2000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है.

चीन के नए नक्शे पर मनीष तिवारी ने दिया ये जवाब-

चीन के नए नक्शे पर मनीष तिवारी बोले, भारत-चीन सीमा के तीन सेक्टर हैं. एक पूर्वी सेक्टर है, जहां मैकमोहन लाइन को 1940 से भारत और चीन के बीच सीमा के रूप में मान्यता मिली हुई है. जब भारत, चीन और तिब्बत के प्रतिनिधियों ने एक संधि पर हस्ताक्षर किया था. जहां तक मिडिल सेक्टर की बात है, कुछ छोटे-मोटे मुद्दों को छोड़कर दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं है.

उन्होंने आगे बताया, असल समस्या पश्चिमी सेक्टर पर है, जहां पर बॉर्डर सही तरीके से रेखांकित नहीं है. 1865 में ब्रिटिश सरकार ने पहली बार इस इलाके को रेखांकित करने की कोशिश की. उन्होंने जम्मू कश्मीर राज्य और तिब्बत के बीच सीमा निर्धारण के लिए सर्वे कराया. एक सीमा प्रस्तावित हुई, जिसे जॉनसन-आर्डेग लाइन कहा गया. इसके बाद 1873 में फॉरेन ऑफिस लाइन और 1899 में मैकडोनाल्ड लाइन बनी. ये तीनों लाइन ब्रिटिश सरकार ने चीन को भेजी लेकिन चीन ने न तो इसे स्वीकार किया और न ही इनकार किया. यही मुद्दा आगे बढ़ता हुआ 1962 भारत-चीन युद्ध के रूप में सामने आया.

चीन ने हमारी जमीन हड़प ली- राहुल गांधी

हालांकि, इसी मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था लद्दाख में एक इंच जमीन नहीं गई है, ये सरासर झूठ है. पूरा लद्दाख जानता है कि चीन ने हमारी जमीन हड़प ली है. मैप की बात तो गंभीर है, लेकिन चीन ने असल में हमारी जमीन ले ली है. इस पर प्रधानमंत्री को कुछ कहना चाहिए.

भारत ने चीन के नए नक्शे को बताया निराधार-

विदेश मंत्रालय ने भी कल चीनी मानचित्रों में दर्शाए गए अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन पर पड़ोसी देश के दावों को ‘निराधार’ बताकर खारिज कर दिया. वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने NDTV से चर्चा में कहा कि जो क्षेत्र उसके नहीं हैं, उसे भी अपना बताने की चीन की पुरानी आदत है. भारत के कुछ हिस्सों के साथ नक्शा जारी करने से कुछ भी नहीं बदलेगा. हमारी सरकार इस बारे में स्पष्ट है. बेतुके दावे करने से दूसरे का क्षेत्र आपका नहीं हो जाता.