भोपाल: प्रदेश के सिंगरौली जिले में निर्माण कार्यों हेतु उपयोगी एम सेंड (मेनुफेक्चर्ड सेंड-निर्मित रेत) का उत्पादन होगा। इसके लिये खनिज विभाग ने नार्दन कोल फील्ड लिमिटेड को अनुमति प्रदान कर दी है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में ज्यादातर निर्माण कार्य प्राकृतिक रेत से होते हैं तथा एम सेंड इसका बेहतर विकल्प है।

खनिज विभाग द्वारा जारी अनुमति में कहा है कि एनसीएल की कोयला परियोजना की उत्पादन क्षमता 14 मिलीयन टन प्रति वर्ष की है, जिसमें कोयला उत्पादन के साथ निकले ओव्हर बर्डन की प्रोसेसिंग से प्रतिदिन 1000 घनमीटर एम सेंड का उत्पादन किया जा सकता है। एनसीएल की अमलोरी ओपन कास्ट कोयला खनन परियोजना सिंगरौली के मोहर बेसिन में स्थित है तथा खनन परियोजना में डंप किए गए 3 ओव्हर बर्डन स्थलों में विभिन्न फॉर्मेशन एवं साइज के बोल्डर्स पाए गए हैं, जिसमें सेंड स्टोन के बोल्डर्स अधिक मात्रा में एकत्रित है।

मुख्य खनिज के खनिपटटों में ओव्हर बर्डन में सेंड स्टोन की उपलब्धता है। ओव्हर बर्डन से निकले सेंड स्टोन का उपयोग, एम सेंड निर्माण के लिए उपयुक्त प्रतीत होता है जो निर्माण कार्यों में उपयोग किए जाने वाले प्राकृतिक रेत का एक उत्तम विकल्प हो सकता है। एनसीएल के अनुसार एम सेंड संयंत्र से 3 लाख 5 हजार घनमीटर प्रतिवर्ष के मान से आगामी 7 वर्षों तक एम सेंड का निर्माण किया जा सकता है।

खनिज विभाग ने अनुमति में आगे कहा है कि एम सेंड निर्माण पर अग्रिम रॉयल्टी जमा करनी होगी। निर्मित रेत (यांत्रिक किया द्वारा) की दर 50 रूपये प्रति घनमीटर निर्धारित है, को अग्रिम रूप से एकमुश्त जमा करना एवं रॉयल्टी के अलावा अन्य देय अतिरिक्त राशि का भी भुगतान करना अनिवार्य होगा। विभागीय ई-खनिज पोर्टल से नियमानुसार पंजीयन कराया जाकर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसिट पास (ईटीपी) के माध्यम से खनिज परिवहन किया जाएगा।