कर्नाटक हिजाब विवाद को लेकर देशभर में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का विरोध किया जा रहा है। इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही समान नागरिक संहिता को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
#WATCH | "Soon after its swearing-in, new BJP govt will form a committee to prepare draft of Uniform Civil Code in state. This UCC will provide for same laws regarding marriages, divorce, land-property & inheritance for all people, irrespective of their faith" says Uttarakhand CM pic.twitter.com/83SYlH2AkE
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) February 12, 2022
जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा :
उत्तराखंड के सीएम धामी ने कहा, मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद हमारी सरकार समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति बनाएगी। जो सभी लोगों के लिए शादी, तलाक, अचल संपत्ति और विरासत के लिए समान कानून बनाने का काम करेंगी। इन कानूनों के तहत किसी भी नागरिक के साथ जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा।
संस्कृति और पर्यावरण की रक्षा जरूरी :
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दावा किया कि यह कानून भाईचारे को बढ़ाएगा और महिला सशक्तिकरण को मजबूत करेगा। इससे उत्तराखंड की संस्कृति और पर्यावरण के संरक्षण में भी मदद मिलेगी और यह देश के लिए और उत्तराखंड के विकास के लिए जरूरी भी है।
कर्नाटक हिजाब विवाद मामले के बीच बड़ा बयान :
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में 14 फरवरी को होना हैं। वहीं दूसरी ओर कर्नाटक हिजाब विवाद को लेकर पूरे देश में तनाव का माहौल है। इस बीच पुष्कर सिंह धामी का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।
समान नागरिक संहिता क्या है ?
समान नागरिक संहिता लागू करने का मुद्दा देश में कई मौकों पर उठाया गया है। समान नागरिक संहिता का अर्थ है कि भारत में रहने वाले किसी भी धर्म, जाति और समुदाय के किसी भी व्यक्ति के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यह किसी भी धर्म या जाति के पर्सनल लॉ से ऊपर है। कई लोग देश में इस कानून की मांग करते नजर आते रहते है।