भोपाल: जंगल महकमे में प्रशासनिक मिस मैनेजमेंट की वजह से वन मुख्यालय सतपुड़ा भवन में क्राइसिस की स्थिति उत्पन्न हो गई है. मुख्यालय में एपीसीसीएफ के पद खाली पड़े हैं. बावजूद इसके,  एपीसीसीएफ फील्ड में जमे हुए है. वन विभाग उज्जैन में एपीसीसीएफ मनोज अग्रवाल को पदस्थ करने पर मंथन कर रहा है. वर्तमान में जबलपुर, बैतूल और खंडवा सर्किल खाली पड़े हैं. उज्जैन सर्किल में पदस्थ एपीसीसीएफ कोमोलिका मोहंता यहां से हटना जा रही हैं. वे इस सम्बन्ध में विभाग को पत्र भी लिख चुकी है.

कैडर में सर्किल में सीसीएफ को पदस्थ करने का प्रावधान किया गया है. जबकि सीसीएफ के पद कम बता कर वन विभाग ने एपीसीसीएफ को सर्किल में पदस्थ कर दिया. अब वर्किंग प्लान सबमिट कर चुके सीसीएफ अधिकारी सर्किल में अपनी पदस्थापना के बांट जोह रहे हैं. सीसीएफ अनिल कुमार सिंह को होशंगाबाद सर्किल पदस्थ करने का प्रस्ताव है. होशंगाबाद के मौजूदा सीसीएफ आरपी राय वन मंत्री विजय शाह अपने गृह जिले खंडवा सर्किल में पदस्थ कराना चाह रहे हैं. बताते हैं कि राय वन मंत्री शाह के लिए सबसे मुफीद अफसर है. इस प्रस्ताव में उन सीसीएफ अफसरों के नाम अभी नहीं जुड़े हैं, जिन्होंने अपने वर्किंग प्लान कंप्लीट कर लिए. उनमें राजीव मिश्रा, एलएल उईके और पीजी फुलझले के नाम है. सूत्रों की मानें तो उज्जैन सर्किल में पदस्थ एपीसीसीएफ कोमोलिका मोहंता ने विभाग के मुखिया को पत्र लिखकर उज्जैन सर्किल से हटाकर इंदौर में पदस्थ करने का आग्रह किया है. उनके पति एचएस मोहंता इंदौर सर्किल में पदस्थ हैं. माइनिंग के रसूखदार कारोबारी जबलपुर जैसे बड़े सर्किल में  सीएफ स्तर के अधिकारी को पदस्थ कराने के गेम प्लान में लगे हैं.

वन मुख्यालय में एपीसीसीएफ के पद खाली :

वन मुख्यालय सतपुड़ा में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के 4 पद खाली हैं. बजट, आईटी, अनुसंधान एवं विस्तार और प्रोजेक्ट शाखा में एपीसीसीएफ के पद रिक्त है. इन पदों पूर्णकालिक अफसर को पदस्थ करने के बजाए प्रभार सौंप कर काम चलाया जा रहा है. जबकि एपीसीसीएफ मनोज अग्रवाल मुख्यालय में कोई महत्वपूर्ण काम नहीं दिया गया है. खाली पड़े पदों पर इन्हें पदस्थ किया जा सकता है.

कैडर विरुद्ध पदस्थापना क्यों ?

सर्किल में सीसीएफ स्तर के अधिकारियों को पदस्थ करने का प्रावधान कैडर किया गया है. सीसीएफ के पद कम और एपीसीसीएफ के पद अधिक बता कर सर्किट में पदस्थ किया गया. अब यह कमी भी दूर हो गई है. फिर भी विभाग केंद्र शासन द्वारा निर्धारित कैडर के पद के विरुद्ध पदस्थापना कर रहा है. इस पद के अफसरों की स्थापना इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सर्किल में की गई है. जबलपुर में भी एपीसीसीएफ पदस्थ रहे जो कि फरवरी में रिटायर हो गए. मूलत: सर्किल में वन संरक्षक का पद है. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के स्तर के दो अधिकारियों की पदस्थापना विभाग के बाहर एनवीडीए और मत्स्य महासंघ में की गई है.