महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट का रंग बदलने लगा है। धमकी के बाद अब मामला हिंसा की ओर बढ़ रहा है। शनिवार को शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पुणे में बागी विधायक तानाजी सावंत के कार्यालय में तोड़फोड़ की। आसपास की दुकानों में भी तोड़फोड़ की ख़बर है।
Maharashtra | Shiv Sena workers protested against rebel MLAs of the party and burnt effigies outside the party office in Kharghar. #MaharashtraPolitcalCrisis pic.twitter.com/9llzxjtFep
— ANI (@ANI) June 25, 2022
शिवसैनिकों ने कई दफ्तरों और दुकानों की दीवारों पर बागी विधायकों के नाम के आगे देशद्रोही लिख दिया। तानाजी फिलहाल शिंदे के साथ गुवाहाटी में हैं।
#WATCH | Shiv Sena workers vandalise office of the party's MLA Tanaji Sawant in Balaji area of Katraj, Pune. Sawant is one of the rebel MLAs from the state and is currently camping in Guwahati, Assam. #MaharashtraPoliticalCrisis pic.twitter.com/LXRSLPxYJC
— ANI (@ANI) June 25, 2022
शिंदे ने पत्र लिखकर मांगी सुरक्षा-
शिंदे गुट के विधायक तानाजी सावंत के कार्यालय में तोड़फोड़ के बाद एकनाथ शिंदे ने सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर शिवसेना के बागी विधायकों के परिवारों की सुरक्षा की मांग की। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि महा अघाड़ी सरकार ने बागी विधायकों की सुरक्षा वापस ले ली है जो गलत है। विधायकों के परिवारों की सुरक्षा राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है। सरकार को जल्द ही सभी को सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए।
राजकीय आकसापोटी शिवसेनेच्या आमदारांचे संरक्षण मुख्यमंत्री आणि गृहमंत्री यांच्या आदेशाने काढून घेण्यात आले आहे. त्यांच्या व त्यांच्या कुटुंबीयांच्या संरक्षणाची जबाबदारी सरकारची आहे.#MVAisAntiShivsena pic.twitter.com/lX2qjVTxGM
— Eknath Shinde - एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) June 25, 2022
संजय राउत ने दिया ये जवाब-
इस हिंसा पर संजय राउत बोले, महाराष्ट्र के लोगों में बागी विधायकों के खिलाफ़ गुस्सा है। शिवसैनिकों के अंदर भी एक आग है और हम इस आग को कभी बुझने नहीं देंगे। यही बाला साहब ठाकरे ने हमें सिखाया है। हम महाराष्ट्र की जनता के लिए हमेशा से लड़ते आये है और आगे भी लड़ते रहेंगे।
राउत बोले, किसी की सुरक्षा नहीं हटाई गई है। उन्होंने शिंदे की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि आप महाराष्ट्र से बाहर हैं, सुरक्षा नहीं हटाई गई है। तो वहीं गृह मंत्रालय के सूत्रों ने भी कहा है कि किसी भी बागी विधायक की सुरक्षा नहीं हटाई गई है।
देवेंद्र फडणवीस के घर की सुरक्षा बढ़ी-
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरण के बाद हिंसा की संभावना के बीच यह कदम उठाया गया है। शिंदे ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के आदेश पर शिवसेना के बागी विधायकों की सुरक्षा वापस ले ली गई है।