भोपाल: कांग्रेस हाईकमान ने भोपाल की पूर्व महापौर विभा पटेल को महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया है. पटेल के अध्यक्ष बनने  एक बार फिर नूरी खान का प्रदेश अध्यक्ष बनने का सपना टूट गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ के किचन केबिनेट के सबसे प्रतापी नेता सज्जन सिंह वर्मा नूरी खान को अध्यक्ष बनवाने में असमर्थ रहे.

शिकायतों के आधार पर अर्चना जायसवाल को हटाने के बाद पार्टी हाईकमान ने 15 दिन के अंदर नए प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा कर दी. इस बीच महिला कांग्रेस अध्यक्ष बनने की दौड़ में अल्पसंख्यक महिला नेत्री नूरी खान ने कमलनाथ कोटे से अध्यक्ष की कुर्सी के लिए प्रमुख दावेदारी की थी. कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी नूरी खान को अध्यक्ष बनाने के लिए लॉबिंग की थी. कमलनाथ के प्रयास तब असफल हो गए जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने विभा पटेल को महिला कांग्रेस का अध्यक्ष बनवा दिया. राजनीति में विभा पटेल अति गंभीर और शांत प्रभाव की महिला नेत्री हैं. उनके इसी गुण के चलते ही महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी मिल गई. विभा पटेल का न केवल भोपाल बल्कि ग्वालियर की राजनीति में भी अच्छी खासी दखलअंदाजी है.

महिला अत्याचार को लेकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर करेंगे दो-दो हाथ  :

महिला कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर विभा पटेल ने कहा कि, पार्टी हाईकमान ने जो जिम्मेदारी सौंपी है उसे बखूबी निभाऊंगी. उन्होंने कहा कि महिला अत्याचारों में मध्यप्रदेश में अब्बल है. अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद ही सरकार के खिलाफ आंदोलन की बड़ी रूपरेखा तैयार की जाएगी. सरकार के खिलाफ सड़कों पर दो-दो हाथ भी करेंगे. मिशन 2023 के लिए महिला कांग्रेस को  संगठनात्मक नजरिया से और मजबूत किया जाएगा. उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी राष्ट्रव्यापी मुद्दे हैं. इनका सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर देखने को मिल रहा है. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कितने ही दावे क्यों न करें. महंगाई इस समय चरम पर है. इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ता है. महिलाएं तीन तरफ से मार झेल रही हैं- बेरोजगारी, महंगाई और महिला अत्याचार, जो कि सबसे ऊपर है. विपक्ष में रहने के कारण हमारी जिम्मेदारी है कि भाजपा सरकार को जनता के बीच ले जाकर बेनकाब करें.