भोपाल: विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डाॅ. गोविन्द सिंह ने कहा कि गत दिवस जीवाजी विष्वविद्यालय के कुलपति द्वारा भाजपा के अनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर प्रचार सामग्री का विमोचन किया गया।
जब इस कार्यक्रम के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के विद्यार्थी ज्ञापन देने जाते हैं तो कुलपति द्वारा ज्ञापन लेना तो दूर विश्वविद्यालय की पहरेदारी में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को लगाकर व छात्राओं को आगे कर एनएसयूआई के विद्यार्थियों को दौडा-दौडाकर पीटा गया व घोर अपमानित किया गया।
इस दौरान पुलिस का तमाषबीन बने रहकर संगठन विशेष के कार्यकर्ताओं की पहरेदारी करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
डाॅ. सिंह ने कहा कि जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा एक विशेष विचारधारा की गतिविधियों को संरक्षण दिया जा रहा है एवं छात्र संगठनों के बीच इसी कारण से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
उक्त घटना क्रम में पुलिस की भूमिका मूकदर्शक के रूप में रही है। भाजपा व उसके अनुवांशिक संगठनों के प्रति आत्मसमपर्ण को समाज व प्रदेश की आम जनता के लिए घातक बताया है।