एक छोटी सी लापरवाही मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गई. विदिशा जिले का लोकेश तमाम मशक्कत के बाद भी जिन्दगी की जंग हार गया.

करीब 24 घंटे तक 43 फीट गहरे बोरवेल में फसा रहा लोकेश रेस्क्यू टीम की कड़ी मेहनत से बाहर तो निकला लेकिन अफ़सोस तब तक सासे थम गई.  

दरअसल, मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में खुले बोरवेल में गिरे 7 साल के मासूम लोकेश को बचाया नहीं जा सका. पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने करीब 24 घंटे के रेस्क्यू के बाद उसे बाहर तो निकाला लेकिन डॉक्टर्स की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया.

बोरवेल से बाहर निकालते ही रेस्क्यू टीम सबसे पहले मासूम को लटेरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आईसीयू वार्ड में लेकर पहुंची. यहां डॉक्टरों की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया.

विदिशा कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने खुद बच्चे की मौत की पुष्टि की है. इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लटेरी के ग्राम खेरखेरि के पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है.

साथ ही सीएम शिवराज ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके इसके लिए दोषियों पर उचित कार्रवाई की बात भी कहीं. 

बता दें कि घटना मंगलवार सुबह 11 बजे की है. लोकेश बंदरों के पीछे भाग रहा था. इसी दौरान वह खेत में खुले पड़े बोरवेल में गिर गया. तभी से ही बचाव कार्य चल रहा था, लेकिन तमाम मशक्कत के बाद भी मासूम जिंदगी की जंग हार गया.

फ़िलहाल, इस घटना के बाद ना सिर्फ प्रशासन बल्क़ि आम जनता को भी इससे सबक़ लेते हुए ख़ाली खुले बोरवेल या फिर कोई भी हादसे वाली जगह को तुरंत बंद कर देने में ही सबकी भलाई हैं. ताकि किसी भी मासूम को छोटी सी लापरवाही के कारण अपनी जान नहीं गवानी पड़े.