भोपाल: बैतूल वन वृत्त के उत्तर वन मण्डल में हुए ₹10 लाख के तेंदूपत्ता लाभांश राशि घोटाला के आरोपी के खिलाफ डीएफओ राकेश डामोर ने 12 अप्रैल को FIR दर्ज कराई है. इसके अलावा गड़बड़ी करने वाले आरोपी अल्केश कवड़े को निलंबित कर उससे ₹9 लाख 5000 की वसूली भी की गई है.

प्राप्त जानककरी के मुताबिक, उत्तर वन मण्डल की एक्सपेंडिचर शाखा से वन वृत्त के तीनों डिवीज़न में लाभांश की राशि भेजी जाती है. शाखा प्रभारी अल्केश कवड़े ने यह राशि मुलताई रेंज की दुनावा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में ट्रांसफर कर आहरित कर ली.

फिलहाल, यह राशि दस लाख रुपए के आसपास बताई जा रही है. हालांकि, उत्तर वन मण्डल के डीएफ राकेश के डामोर के मामला संज्ञान में आते ही संबंधित शाखा प्रभारी कवड़े से कड़ी पूछताछ की. जिसमें उसने लिखित में अपना कबूलनामा दे दिया है.

डीएफओ डामोर ने शाखा प्रभारी से न केवल 905000 वसूल किए बल्कि उसके खिलाफ पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत प्रकरण भी पंजीबद्ध कराया है. सूत्रों ने बताया कि अब उसके खिलाफ बर्खास्तगी कार्रवाई की जा रही है.

गबन के पैसों से शाखा प्रभारी ने खरीदा प्लॉट-

सूत्र बताते है कि वन मण्डल में पदस्थ एक्सपेंडिचर शाखा प्रभारी ने गबन की राशि से हाल ही में प्लॉट खरीदा जिसके बाद यह मामले का खुलासा हुआ है. सीसीएफ प्रफुल फुलझेले ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच दल बनाया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

बड़े घोटाले से पहले ही मामला उजागर- 

तेंदूपत्ता लाभांश राशि में बड़ा घोटाला होने से पहले ही शाखा प्रभारी की करतूतें उजागर हो गई. जबकि उमरिया वन मंडल में तेंदूपत्ता राशि से करोड़ों रुपए की घोटाले हो गए थे. यह घोटाला किसी और ने नहीं, बल्कि बाबू ने किया था. जबकि उमरिया में हुए घोटाले की कार्यवाही की जद आधा दर्जन डीएफओ आए हैं.

इनका कहना-

डीएफओ राकेश डामोर-

राकेश डामोर डीएफओ उत्तर वन मण्डल बैतूल का कहना है कि मेरे संज्ञान में मामला आने के बाद शाखा प्रभारी अल्केश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. उससे ₹9 लाख 5000 की वसूली भी की गई है. अब उसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई चल रही है.