रविवार के दिन रामनवमी पर देश के कई राज्यों से हिंसा की खबरें आई थीं। हिंसक झड़पों और जुलूसों पर हमलों के बाद से ही गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में तनाव बहुत अधिक है। इस बीच एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कई सवाल खड़े किये हैं।
In many places RN yatras were used to make hate speeches against Muslims 3/3
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) April 10, 2022
ओवैसी ने ट्वीट के ज़रिये पुलिस, हिंदू समर्थक संगठनों और धर्मगुरुओं पर निशाना साधा। ओवैसी ने आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों ने अलग-अलग जगहों पर हिंसा की और पुलिस को उकसाया। ओवैसी ने आगे लिखा कि, रामनवमी पर जुलूस और रथयात्राओं का इस्तेमाल कई जगहों पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के लिए किया गया।
ओवैसी बोले, जुलूस और रथयात्राओं से धार्मिक नेता मुसलमानों के खिलाफ़ नरसंहार और बलात्कार की बात कर रहें थे। गंभीर आरोंप लगाते हुए ओवैसी बोले, अभी पिछले कुछ दिनों में पुलिस के आशीर्वाद से हिंदुत्व की भीड़ ने इन जगहों पर हिंसा को भड़काया और इसमें कई लोगों ने भाग लिया, इसमें 1. करौली, राजस्थान, 2. खंबाटा और हिम्मतनगर, गुजरात (मकबरे में आग लगा दी गई), 3. खरगोन, मध्य प्रदेश, 4. कर्नाटक में गुलबर्गा, रायचूर, कोलार, धारवाड़, 5. वैशाली और मुजफ्फरपुर, बिहार, 6. सीतापुर, उत्तर प्रदेश, 7. इस्लामपुरा, गोवा शामिल हैं। इन जगहों पर "धर्म गुरुओं" द्वारा मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार और बलात्कार के भाषण दिए गए। कई जगहों पर इन यात्राओं का इस्तेमाल मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरे भाषण देने के लिए किया गया।