हाल ही में हनुमान जयंती के अवसर पर दिल्ली के बाद कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी हिंसा भड़क गई थी। दिल्ली के जहांगीरपुरी में एक जुलूस पर पथराव किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। दिल्ली पुलिस ने इस घटना में 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। कर्नाटक के धारवाड़ में भी ओल्ड हुबली पुलिस स्टेशन पर भीड़ ने हमला किया और 12 पुलिस कर्मी घायल हो गए। आंध्र प्रदेश के कुरनूल के अलूर में भी हिंसा हुई, जिसमें 15 लोग घायल हो गए।

दिल्ली के जहांगीरपुरी समेत देशभर के कई शहरों ने रामनवमी और हनुमान जयंती पर हुई हिंसा की एनआईए जांच की मांग लोगों द्वारा की जा रही है। इस संबंध में अधिवक्ता विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने कहा कि कई राज्यों में ऐसी घटनाएं महज संयोग नहीं हो सकतीं है। उनके तार एक दूसरे से जुड़े हुए है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एनआईए द्वारा संयुक्त जांच की जरूरत है।

जहांगीरपुरी में 20 लोग गिरफ्तार:

दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के अवसर पर भीड़ ने जुलूस पर हमला कर दिया था, जिसके बाद पुलिस की 10 टीम इस मामले में जाचं कर रही है। पुलिस ने अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार और असलम को रोहिणी की एक अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि 12 अन्य को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

जानकारी के अनुसार, कर्नाटक में सोशल मीडिया पोस्ट से भड़की हिंसा ने धारवाड़ जिले के ओल्ड हुबली थाने पर पथराव किया। जिसमें एक इंस्पेक्टर समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना में चालीस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 6 के खिलाफ एफआरआई दर्ज की गई है।

अब तक करीब 10 राज्यों में हुई हिंसा :

हनुमान जयंती और रामनवमी पर देश के कई राज्यों में हिंसा, पथराव और आगजनी हुई। दिल्ली, मध्य प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, गोवा, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव देखा गया।

जिन शहरों में हिंसा हुई है उनमें गुजरात में हिम्मतनगर और खंभात, मध्य प्रदेश में खरगोन, झारखंड में लोहरदगा, पश्चिम बंगाल में बांकुरा, दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, गोवा में वास्को और बिहार में मुजफ्फरपुर शामिल हैं।