दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और गुजरात के शिक्षा मंत्री जीतू वाघानी राज्यों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर आमने-सामने हैं। हाल ही में गुजरात के स्कूलों का दौरा करने आये, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अब गुजरात के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को दिल्ली के स्कूलों का दौरा करने का निमंत्रण दिया है।

उन्होंने इस संबंध में ट्विटर पर एक आमंत्रण पत्र भी साझा किया। जिसमें लिखा, मैं गुजरात के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को दिल्ली के सरकारी स्कूलों का दौरा करने का निमंत्रण भेज रहा हूं, जो "केजरीवाल मॉडल ऑफ गवर्नेंस" के तहत आधुनिक भारत की नींव रख रहे हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूल देखने के लिए आमंत्रित करने हेतु मैंने पत्र लिखा है। 

जानिए पूरा मामला :

दरअसल, 11 अप्रैल को मनीष सिसोदिया ने गुजरात के सरकारी स्कूलों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने गुजरात के शिक्षा मंत्री जीतू वाघानी के विधानसभा क्षेत्र भावनगर में भी दो सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। जिसके बाद सिसोदिया ने कहा कि, गुजरात की सरकारी स्कूल व्यवस्था को विश्वस्तरीय बताने वाले गुजरात के शिक्षा मंत्री अपनी ही विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की हालत ठीक नहीं कर पाए, तो फिर राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों की हालत क्या होगी, हम सोच सकते है। 

गुजरात में 27 साल के बीजेपी शासन में शिक्षा मॉडल ऐसा है कि राज्य के शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही स्कूलों में शौचालय और बेंच तक नहीं हैं। इस पर केजरीवाल ने कहा कि, सरकारी स्कूलों की इतनी खराब हालत देखकर दुख होता है। भारत को आजाद हुए 75 साल हो चुके हैं, लेकिन हम अभी तक एक अच्छी "शिक्षा प्रणाली का निर्माण" नहीं कर पाए हैं।

इससे पहले आम आदमी पार्टी ने शिक्षा मंत्री जीतू वाघानी को भी दिल्ली के स्कूलों का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि, इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अब सिसोदिया ने फिर से सीएम के माध्यम से पत्र लिखकर आमंत्रण भेजा है। गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसमें आम आदमी पार्टी प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाना चाहती है। इसी वजह से वह बार-बार राज्य सरकार को शिक्षा मॉडल पर बात करने की चुनौती दे रही हैं।