मप्र के स्वास्थ्य आयुक्त सुदाम खाड़े ने सभी जिला कलेक्टरों और सीएमएचओ को नए प्रकार को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है। XE वैरिएंट की उच्च संचरण दर के कारण, इसके तेजी से फैलने की आशंका है, इसलिए अस्पताल में भर्ती कोरोना रोगियों पर लगातार नजर रखने के लिए भी कहा गया है।

स्वास्थ्य आयुक्त सुदाम खाड़े ने सभी जिलों को भेजे आदेश में कहा कि...

राज्य निगरानी इकाई, स्वास्थ्य संस्थानों, आईएचआईपी पोर्टल, मीडिया या किसी अन्य स्रोत से कोरोना रोगियों की जानकारी प्राप्त होने पर निगरानी की जानी चाहिए।

जिलों में मिले एसएआरआई व आईएलआई मरीजों के कोविड टेस्ट के लिए आरटी पीसीआर सैंपलिंग की जाए।

यदि जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती है तो इसकी योजना बनाकर प्रखंड स्तर पर निगरानी की जाए.

कोरोना जांच के लिए निर्धारित दैनिक जांच लक्ष्य के अनुरूप ही सैंपलिंग व टेस्टिंग की जाए। पूर्ण जीनोम अनुक्रमण (WGS) के लिए कोरोना पॉजिटिव नमूनों को नियमित रूप से एक निर्दिष्ट प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।

यदि किसी क्षेत्र में कोरोना के मामलों में वृद्धि होती है, तो संक्रमित रोगियों की सूचना राज्य निगरानी इकाई को दी जानी चाहिए और इस क्लस्टर में सैंपलिंग, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग सहित निगरानी गतिविधियाँ की जानी चाहिए।

पोर्टल पर आईडीएसपी की दैनिक रिपोर्टिंग के अलावा कोरोना रोगी की जानकारी और संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण (डब्ल्यूजीएस) भी दर्ज किया जाना चाहिए।

जिला स्तर पर प्रतिदिन कोरोना की निगरानी व समीक्षा की जाए।

एक्स-ई क्या है?

XE कोरोना वायरस माइक्रोन का एक वेरिएंट  है। यह वेरिएंट  Omicron के वेरिएंट  BA1 और BA2 के उत्परिवर्तन द्वारा बनता है। इसमें BA1 और BA2 आनुवंशिक घटकों का मिश्रण पाया गया है। XE वायरस 19 जनवरी 2022 को ब्रिटेन में मिला था। दुनियाभर में इस वायरस के 600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

यह कितना खतरनाक है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक यह अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला कोरोना वायरस है। हालांकि, जानकारी की कमी के कारण, ब्रिटेन में शोधकर्ता प्रसार की गंभीरता को निर्धारित करने में सक्षम नहीं हैं।

यह भारत में कब पाया गया था?

भारत में एक्सई का पहला मामला था। दक्षिण अफ्रीका की नागरिक 10 फरवरी को शूटिंग के लिए भारत आई थीं। उस वक्त वो कोरोना से परेशान नहीं थीं। लेकिन 2 मार्च को फिल्मांकन के दौरान नियमित परीक्षण के दौरान उन्हें बाधित पाया गया। उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए थे और एक्सई संक्रमित पाया गया था। महिला ने टीके की दोनों खुराक ले ली थी और उसमें कोई लक्षण नहीं थे।

क्या भारत को इस नए वायरस से खतरा है?

कोरोना की तीसरी लहर के बाद से देशभर में BA1 और BA2 दोनों वेरिएंट  पाए गए हैं। इसलिए, समान गुणों वाले नए वायरस से तत्काल कोई खतरा नहीं दिखता है। तीसरी लहर में बड़े पैमाने पर जनसंख्या ने कोरोना के खिलाफ प्राकृतिक प्रतिरक्षा का निर्माण किया है। इसलिए, अगले तीन महीनों में भारत में वायरस के एक नए तनाव का कोई खतरा नहीं है।

क्या दुनिया भर में एक्सई जैसे अन्य वेरिएंट  पाए गए हैं?

यूके की यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, देश में एक्सई के अलावा अन्य कई वेरिएंट  पाए गए हैं। इन्हें एक्सडी, एक्सएफ जैसे नाम दिए गए हैं। डेल्टा और ऑमिक्रॉन वेरिएंट  BA1 को XD में उत्परिवर्तित किया गया है। यह प्रजाति फ्रांस, डेनमार्क और बेल्जियम में पाई जाती है। XF में ब्रिटेन में डेल्टा और BA1 वायरस में उत्परिवर्तन शामिल है। XE मुख्य रूप से ब्रिटेन में पाया गया है।