भोपाल। राज्य के जल संसाधन विभाग की साधिकार समिति ने सिंगरौली जिले में स्थित मेसर्स आरके ट्रांसपोर्ट एवं कन्स्ट्रक्शन लिमिटेड को तहसील चितरंगी के ग्राम गोरबी में स्थित 2.5 एमटीपीए वाशरी प्लांट के लिये परेवा नाला से 0.182 मिलियन घनमीटर वार्षिक जल आवंटित किया है।
कंपनी से कहा गया है कि वह एक माह के अंदर इस पानी के लिये अनुबंध करे एवं एक माह का जलकर तथा उपकर के समतुल्य आवंटन शुल्क नकद जमा करे। साथ ही दो माह के जलकर एवं उपकर के समतुल्य धरोहर राशि भी जमा करे। जल आवंटन आदेश में कहा गया है कि कंपनी जलकर का नियमित भुगतान जल के उपयोग करने की तिथि से कर सकेगा। कंपनी को जल के उपयोग के लिये आवश्यक सिविल एवं यांत्रिकीय कार्यों का निर्माण स्वयं के व्यय से करना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ग्रीष्म ऋतु में नदी में पानी की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में, जल उद्वहन स्थल के अपस्ट्रीम में निर्मित जल संसाधन विभाग के किसी जलाशय या बांध से नदी में जल छोड़े जाने की विभाग की बाध्यता नहीं होगी।
सासन पॉवर को आवंटित जल की मात्रा घटाई :
इधर साधिकार समिति ने सिंगरौली जिले में स्थित 3960 मेगावाट के सासन अल्ट्रा मेगा पॉवर प्रोजेक्ट के लिये रिहन्द बांध से आवंटित पानी की मात्रा 85 मिघमी वार्षिक को घटाकर 70 मिघमी वार्षिंक कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के लिये 25 अगस्त 2014 को पानी की मात्रा 172.71 मिघमी सालाना से घटाकर 112.26 मिघमी सालाना की गई थी तथा इसके बाद 12 मई 2017 को पुन: जल की मात्रा 112.26 मिघमी से घटाकर 85 मिघमी की गई थी। अब जब कंपनी ने आवेदन किया कि तकनीकी सुधार से जल की आवश्यक्ता कम है, इसलिये पुन: जल की मात्रा 70 मिघमी सालाना कर दी गई है। कंपनी से कहा गया है कि वह बकाया जल कर का भुगतान कर नये सिरे से अनुबंध करे।